धमतरी के दो स्कूलों में तालाबंदी और प्रदर्शन:दुगली में शिक्षक की मांग, सेमरा में प्रधान पाठक को हटाने की मांग; नगरी मार्ग पर चक्काजाम

छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में शिक्षा व्यवस्था को लेकर विरोध प्रदर्शन हुआ। नगरी क्षेत्र के दो स्कूलों में पालकों और ग्रामीणों ने तालाबंदी कर विरोध जताया। दुगली प्राथमिक शाला में शिक्षकों की कमी का मुद्दा सामने आया। यह स्कूल पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी द्वारा गोद लिया गया था। यहां स्कूली बच्चों और पालकों ने तालाबंदी कर गांव की गलियों में रैली निकाली। प्रदर्शनकारियों ने नगरी मार्ग पर चक्काजाम भी किया। इससे आवागमन प्रभावित हुआ। वहीं सेमरा प्राथमिक व माध्यमिक स्कूल में प्रधान पाठक को हटाने की मांग को लेकर प्रदर्शन हुआ। ग्रामीणों ने स्कूल में ताला जड़ दिया। प्रदर्शन की सूचना मिलते ही शिक्षा विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे। प्रशासन ने 2-3 दिनों में शिक्षकों की व्यवस्था करने का आश्वासन दिया। इस आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने करीब आधे घंटे चला प्रदर्शन समाप्त कर दिया। जिले में शिक्षा व्यवस्था को लेकर यह पहला मामला नहीं है। पहले भी कई स्कूलों में इसी तरह के प्रदर्शन हो चुके हैं। पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी गोद ग्राम दुगली में स्थित सरकारी स्कूल ब्रिटिश शासन काल से संचालित हो रहा है। शासन के नियमों के अनुसार, युक्तिकरण के तहत आश्रम प्राथमिक शाला दुगली को प्राथमिक शाला दुगली में मिला दिया गया है। समायोजन के बाद इस प्राथमिक स्कूल में कुल 85 विद्यार्थी पढ़ रहे हैं, जिनमें विशेष पिछड़ी जनजाति के कमार बच्चे भी शामिल हैं। बच्चों संग अभिभावकों ने किया प्रदर्शन स्कूल में सिर्फ एक ही शिक्षक है जो बच्चों को पढ़े रहे हैं। इस वजह से दुगली गांव के ग्रामीण चिंतित हैं, क्योंकि केवल एक शिक्षक के भरोसे बच्चों का भविष्य निर्भर है, जिससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। इसी कारण से ग्रामीणों ने स्कूल बंद करके उसके सामने धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया है। स्कूली बच्चे हाथों में तख्ती लेकर जिला प्रशासन के खिलाफ नारे लगा रहे हैं। इसके अलावा, अभिभावक भी प्रशासन पर नाराजगी जाहिर कर रहे हैं। बच्चे और अभिभावक नारे लगाते हुए नगरी और धमतरी मार्ग पर करीब आधे घंटे तक चक्काजाम कर प्रदर्शन किया। सेमरा में प्रधानपाठक को हटाने की मांग वहीं, सेमरा के ग्रामीणों ने भी स्कूल बंद करके प्रधानपाठक को हटाने की मांग की है। उनका आरोप है कि प्रधानपाठक मनमानी कर रही है, जिससे स्कूल की शिक्षा का स्तर गिर रहा है। शिक्षा विभाग ने बताया कि प्रधानपाठक के निलंबन के लिए उच्च अधिकारियों को पत्र भेजा गया है और शिक्षकों की कमी दूर करने के प्रयास भी जारी हैं।

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