छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में मंगलवार को एक गर्भवती महिला की मौत हो गई। महतारी एक्सप्रेस में मेडिकल टीम नहीं थी, ऐसे में अस्पताल पहुंचने से पहले ही महिला की मौत हो गई। इस मामले में CMHO ने जांच की बात कही है। यह मामला बड़ेपराली गांव का है। मिली जानकारी के मुताबिक, आशो बाई उइके को लेबर पेन होने लगा। जिसके बाद महिलाओं ने घर पर डिलीवरी कराने का फैसला लिया। उसने एक बच्चे को जन्म दिया, लेकिन दूसरे बच्चे के डिलीवरी नहीं हो पाई और महिला की तबीयत बिगड़ने लगी। इसके बाद परिजनों ने महतारी एक्सप्रेस को बुलाया, लेकिन एम्बुलेंस में मेडिकल टीम नहीं थी। महिला को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बड़गांव ले जाया गया। जहां जांच के बाद डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। स्वास्थ्य केंद्र बड़गांव के आरएचओ डॉक्टर रत्नेश देशमुख ने कहा कि जब महिला को अस्पताल लाया गया, तक वह जीवित नहीं थी। मितानिन संघ हड़ताल पर बताया जा रहा है कि पखांजुर क्षेत्र में पिछले तीन दिनों से तीन सूत्रीय मांग लेकर मितानिन संघ भी हड़ताल पर हैं। वहीं इस घटना के बाद ग्रामीणों मे काफी आक्रोश है। उप सरपंच गणेश्वरि जायसवाल ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की मनमानी नहीं चलेगी। ग्रामीणों के सेहत के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। लंब समय के बाद स्वास्थ्य केंद में एमबीबीएस डॉक्टर क्षेत्र के 40 गांव की जिम्मेदारी वाला अस्पताल में लंबे अरसे बाद एमबीबीएस मिली थी, लेकिन वह भी विभाग के अफसर मनमानी कर यहां से वहां कर रहे हैं। यह सही नहीं है। उप सरपंच ने कहा कि सीएमएचओ से फोन पर बात हुई है। उन्होंने जल्द व्यवस्था दुरुस्त कराने का आश्वासन दिया है। जानिए CMHO ने क्या कहा? इधर, CMHO डॉक्टर आरसी ठाकुर ने कहा कि गर्भवती महिला की मौत की जांच कार्रवाई की जाएगी और महतारी वाहन में एमटी (महिला टूलकिट) की व्यवस्था के लिए ऊपरी स्तर से बातचीत की जा रही है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बड़गांव मे पदस्थ एमबीबीएस डॉक्टर को जल्द ड्यूटी में आने के लिए निर्देशित किया गया है।
महतारी एक्सप्रेस में मेडिकल टीम गायब,गर्भवती की मौत:कांकेर में घर पर एक बच्चे को दिया जन्म, दूसरे शिशु के जन्म से पहले दम तोड़ा

















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