छत्तीसगढ़ में मॉब लिंचिंग…समाज अध्यक्ष बोले- दलित कहकर मार-डाला:कहा-मां से पैसों की मांग की गई, केबल चोरी के शक में शख्स को पीट-पीटकर मार-डाला

तारीख- 25 अक्टूबर समय- सुबह के वक्त जगह- महासमुंद का पतरेपाली गांव रेलवे पटरी के पास धुआं दिखाई दिया। कुछ देर बाद आवाज आई चोर पकड़ा गया। फिर कुछ ही मिनटों में भीड़ जमा हो गई। हाथों में लाठियां, मोबाइल की टॉर्च के बीच दलित समुदाय के शख्स कौशल सहिस को भीड़ ने जमकर पीटा। लोगों ने शख्स के हाथ बांध दिए थे। चेहरे पर खून और आंखों में आखिरी विनती दिख रही थी, लेकिन लात-घूंसे रुके नहीं। शख्स को पानी पिला-पिलाकर पीटा। भीड़ में मौजूद कुछ लोगों ने जिंदा छोड़ने के लिए परिजनों से 25 हजार भी मांगे, लेकिन नहीं देने पर मारकर फेंक दिया। मृतक की पहचान बाहगबाहारा निवासी कौशल सहिस के रूप में हुई है। वहीं हत्या के शक में पुलिस ग्राम पंचायत पतरेपाली की सरपंच जयसुधा चंद्राकर के पति हेमंत चंद्राकर, उसके भतीजे और गांव के कोटवार को सिटी कोतवाली में पूछताछ कर रही है। सहिस सारथी समाज के जिलाध्यक्ष ने तुलेंद्र सागर ने कहा कि जब लोगों को पता चला कि यह व्यक्ति दलित समाज से है, तो उस पर और दबाव बनाया गया। उसकी मां से पैसों की मांग की गई। इस मामले में अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। दोषियों पर जल्द कार्रवाई नहीं होती है तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। भास्कर डिजिटल की इस रिपोर्ट में डिटेल में पढ़िए मॉब लिंचिंग केस में कब और कैसे लोगों ने दलित शख्स को मार डाला, किस-किस पर पुलिस को शक है, पुलिस ने किसे थाने में बुलाया है, क्यों मारा गया और अब तक क्या कुछ हुआ ? जानिए क्या है पूरा मामला ? दरअसल, 25 अक्टूबर की सुबह पतरेपाली गांव में केबल चोरी कर वायर को जलाकर तांबा निकालने की खबर फैली। गांव के लोग लाठी-डंडा लेकर जुटे। पतरेपाली गांव के पास रेलवे पटरी के पास कौशल सहिस (50) केबल जलाते हुए पकड़ा गया। भीड़ ने चोर-चोर कहकर जमकर पीटा। इस दौरान ​​​​​​कौशल सहिस मुझे छोड़ दो, मुझे मत मारो कहता रहा, लेकिन भीड़ एक न सुनी। जमकर लात घूंसे बरसाए। इससे कौशल की हालत गंभीर हो गई। इसके बाद उसे रेलवे पटरी से घसीटकर पतरेपाली गांव के महावीर चौक के पास लाया गया। ​दलित समुदाय के शख्स कौशल सहिस को लेकर भीड़ में इतना गुस्सा था कि उसे दोबारा पीटा गया। इसके बाद कौशल सहिस के परिजनों से फोन से संपर्क किया गया। कौशल को जिंदा छोड़ने और चोरी की भरपाई करने के लिए 25 हजार मांगे गए। परिजनों ने फोन से कहा कि उनके पास इतने रुपए नहीं हैं। वह 25 हजार रुपए नहीं दे सकते। इसके बाद कौशल की मां को भी फोन किया गया, लेकिन मां ने कह दिया कि उससे उनका कोई लेना-देना नहीं है। जब परिजनों से पैसे नहीं मिले तो इतना पीटा गया कि उसकी मौत हो गई। मुक्तिधाम के पास लाश फेंककर भीड़ भाग गई। अब पढ़िए पतरेपाली गांव के लोग और परिजनों ने भास्कर को क्या बताया ? भास्कर डिजिटल की टीम वारदात के बाद घटना स्थल मोहबा पहुंची। इस दौरान मृतक कौशल की मां कचरी बाई सहिस ने बताया कि वह बागबाहरा ब्लॉक के ग्राम पंचायत मोहबा के निवासी हैं, जबकि कौशल महासमुंद जिले के बसना में अपनी पत्नी के साथ ससुराल में रहता था। मृतक की मां कचरी बाई सहिस ने बताया कि पतेरापाली गांव में पकड़े जाने के बाद कौशल ने अपने गांव का नाम-पता और परिजनों की जानकारी पतेरापाली सरपंच पति हेमंत चंद्राकर को दी थी। इसी जानकारी के आधार पर सरपंच पति हेमंत चंद्राकर ने 25 अक्टूबर 2025 को मोहबा के रहने वाले सुभाष चंद्राकर के मोबाइल पर तीन बार कॉल किया था। सरपंच पति हेमंत ने फोन पर मोहबा निवासी सुभाष को गांव में हुई चोरी की बात बताई, फिर सुभाष से हेमंत के घरवालों से बात कराने को कहा। सुभाष ने कौशल की मां कचरी बाई सहिस से मोबाइल पर बात कराई। हेमंत ने मां को बताया कि उनके बेटे ने गांव में चोरी की है। मां बोली थी- मेरा उससे कोई लेना-देना नहीं है, जो करना है कर लो इसके जवाब में मृतक की मां कचरी बाई ने कहा कि मेरा उससे कोई लेना-देना नहीं है, जो करना है कर लो। इसके बाद हेमंत चंद्राकर ने फिर से सुभाष को कॉल किया, लेकिन सुभाष ने कॉल रिसीव नहीं किया। तीसरी बार, बाघामुड़ा के रहने वाले सुभाष के करीबी रिश्तेदार के पास हेमंत ने फोन किया और सुभाष को कॉन्फ्रेंस कॉल में लिया। इस दौरान फोन की दूसरी तरफ़ से एक बार फिर मृतक कौशल के घरवालों से बात कराने को कहा गया। हेमंत ने सुभाष को बताया कि कॉन्फ्रेंस कॉल में 25 हजार रुपए मांगने की बात हुई। सुभाष ने बताया कि परिवार आर्थिक रूप से कमजोर और गरीब है, इसलिए इतना पैसा नहीं दे पाएगा। कॉन्फ्रेंस कॉल में हो रही थी जान बख्शने की सौदेबाजी कॉन्फ्रेंस कॉल में रहते हुए घरवालों से बात कराने को कहा गया तो सुभाष ने कौशल की मां से दूसरी बार बात कराई। फोन पर कौशल की मां ने अपनी आर्थिक स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि उनका कोई लेना-देना नहीं है और फोन काट दिया। कौशल की मां कचरी बाई ने बताया कि उनके पांच बच्चों में सबसे बड़ा कौशल था। उसके बाद तीन बेटियां हैं और सबसे छोटा बेटा है। उनके पति का देहांत कोरोना काल के दौरान हो गया था। खेती-बाड़ी का कोई साधन नहीं है और छोटा बेटा मजदूरी करके अपना परिवार चलाता है। उन्होंने बताया कि शादी के 15-20 साल से कौशल अपने ससुराल बसना में रहता था। वह क्या करता है, इसकी उन्हें कोई जानकारी नहीं है। दूसरे दिन हमें बेटे की लाश मिलने की सूचना मिली। आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। वहीं इस मामले में सरपंच पति हेमंत चंद्राकर ने दैनिक भास्कर से कहा कि मैं मृतक को जानता ही नहीं, और मैं तो मौके पर था ही नहीं। उसकी पत्नी के बारे में भी कुछ नहीं जानता। वह कौन है, क्या है, इसकी मुझे कोई जानकारी नहीं। हेमंत चंद्राकर कांग्रेस के पूर्व विधायक विनोद सेवनलाल चंद्राकर के करीबी हैं। इन पर कौशल को मारने का आरोप लग रहा है। ग्रामीण बोले- कौशल आदतन चोर था वहीं ग्रामीणों ने बताया कि कौशल के पिता लच्छू सहिस ने बेटे की चोरी की हरकत से परेशान होकर उसे घर से भगा दिया था। कौशल आदतन चोर था। इसकी चोरी के कारण आस-पास के गांव के लोग खौफजदा रहते थे। सभी जान गए थे, इसलिए चोरी करने के लिए नई जगह पहुंचा होगा। अब पढ़िए इस केस में पुलिस क्या कर रही ? कोतवाली थाना प्रभारी शरद दुबे अपनी टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। फोरेंसिक टीम को शर्ट में घसीटने के निशान, फुल पैंट पर कीचड़ और हाथों पर संघर्ष के निशान मिले। मृतक के सिर के नीचे कीचड़ लगा हुआ था। उसके मुंह में पानी भरा हुआ था। थाना प्रभारी ने बताया कि पुलिस का मानना ​​है कि उसे बचाने के लिए उसे पानी पिलाया गया होगा। मृतक के कपड़ों पर कीचड़ देखकर फोरेंसिक टीम को लगता है कि उसके साथ मारपीट की गई होगी और अंदरूनी चोटों के कारण उसकी मौत हुई होगी। वहीं एडिशनल एसपी प्रतिभा पांडेय ने बताया कि 26 अक्टूबर को सिटी कोतवाली थाना पुलिस को लाश मिलने की सूचना मिली थी। आसपास रहने वाले लोगों से पूछताछ की जा रही है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। …………………………… क्राइम से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… 1. छत्तीसगढ़ मॉब लिंचिंग…घायल सद्दाम ने भाई को किया था कॉल: परिजन से तड़पते हुए कहा था-भैया पैर टूट गया है;पानी भी मांगा,लेकिन हमलावर पीटते रहे ‘सद्दाम दर्द से कराह रहा था और कह रहा था भैया पैर टूट गया है। उसने पानी भी मांगा लेकिन हमलावर उसे पीटते रहे।’ ये कहना है छत्तीसगढ़ में मॉब लिंचिंग की घटना में घायल हुए सद्दाम कुरैशी के भाई शोएब का। उसका कहना है कि उसके भाई ने मारपीट के दौरान उन्हें कॉल किया था। यह कॉल करीब 51 मिनट की थी। घटना की जानकारी मिलते ही शोएब अपने भाई सद्दाम से मिलने रायपुर पहुंचा। सद्दाम फिलहाल गंभीर हालत में निजी अस्पताल के ICU में भर्ती है। उसके सिर के अंदरूनी भाग में गंभीर चोट आई है। एक्सपर्ट डॉक्टरों की टीम लगातार उसकी जान बचाने की कोशिश में जुटी है। पढ़ें पूरी खबर… 2. पत्नी ने बॉयफ्रेंड संग मिलकर पति को मार-डाला: 2 बच्चों की मां को मैकेनिक से हुआ प्यार; शराब पिलाई, फिर तकिए से मुंह दबाकर हत्या छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में 2 बच्चों की मां ने बॉयफ्रेंड के साथ मिलकर पति को मार डाला। पत्नी का गांव के मैकेनिक युवक से अफेयर था। पति ने दोनों को पहले भी घर पर रंगे हाथों पकड़ा था। इसे लेकर पति-पत्नी के बीच अक्सर विवाद होता था। इसलिए पति को रास्ते से हटाकर पत्नी प्रेमी संग घर बसाना चाहती थी। पढ़ें पूरी खबर…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *