अगले एक या दो दिनों में पूरे छत्तीसगढ़ से मानसून की विदाई हो सकती है। अब तक राज्य के उत्तरी और मध्य हिस्सों से मानसून पूरी तरह लौट चुका है, जबकि दक्षिणी इलाकों में कुछ जगहों पर अभी भी हल्की बारिश की संभावना बनी हुई है। पिछले 24 घंटे में कोंटा में सबसे ज्यादा 60 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई है। तापमान की बात करें तो राजनांदगांव में अधिकतम 32.5 डिग्री और अंबिकापुर में न्यूनतम 18.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने आज के लिए कोई अलर्ट जारी नहीं किया है, यानी राज्य के किसी भी हिस्से में मौसम के बिगड़ने की संभावना कम है। अक्टूबर में अब तक 109% ज्यादा बरसा पानी इस बार अक्टूबर में अब तक सामान्य से 109% अधिक बारिश दर्ज की गई है। आमतौर पर 8 अक्टूबर तक राज्य में औसतन 28.3 मिमी वर्षा होती है और मानसून लौट चुका होता है, लेकिन इस बार अब तक 59.1 मिमी से ज्यादा बारिश हो चुकी है। 10-12 दिन देरी से लौटा मानसून मौसम विभाग के मुताबिक, 30 सितंबर तक हुई बारिश को मानसून की बारिश माना जाता है, जबकि इसके बाद की बारिश को ‘पोस्ट मानसून’ यानी मानसून के बाद की बारिश माना जाता है। फिलहाल देश के कई हिस्सों से मानसून की वापसी शुरू हो चुकी है। छत्तीसगढ़ में आमतौर पर 5 अक्टूबर के आसपास सरगुजा की तरफ से मानसून लौटना शुरू होता है, लेकिन इस बार वापसी में देरी हुई। इस बार प्रदेश में मानसून सामान्य से करीब 10-12 दिन देरी से लौट रहा है। बलरामपुर में सामान्य से 52% ज्यादा बारिश प्रदेश में अब तक 1167.4 मिमी औसत बारिश हुई है। बेमेतरा जिले में अब तक 524.5 मिमी पानी बरसा है, जो सामान्य से 50% कम है। अन्य जिलों जैसे बस्तर, राजनांदगांव, रायगढ़ में वर्षा सामान्य के आसपास हुई है। जबकि बलरामपुर में 1520.9 मिमी बारिश हुई है, जो सामान्य से 52% ज्यादा है। ये आंकड़े 30 सितंबर तक के हैं।
48 घंटे में प्रदेशभर से विदा हो सकता है मानसून:उत्तरी और मध्य छत्तीसगढ़ से लौटा; आज सभी जगहों पर मौसम सामान्य रहने के आसार

















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