दुर्ग जिले के अहिवारा में 30 सितंबर की रात 2 बेटों ने अपने मां के लिव-इन पार्टनर को मार डाला। बिना शादी किए ही दोनों साथ रहते थे। पहली शादी और दो बच्चे होने के बाद आपसी विवाद की वजह से वो अपने पति से अलग रहने लगी थी। लेकिन बच्चों को इस रिश्ते पर आपत्ति थी। जिसके बाद उन्होंने फावड़े से हमला कर मौत के घाट उतार दिया। मामला नंदिनी थाना क्षेत्र का है। घटना के बाद इस बात का खुलासा हुआ है कि अहिवारा की रहने वाली मीरावती के 2 बेटे है, कुछ समय पहले वह अपने पति से अलग हो गई थी। जिसके बाद उसे बलविंदर से प्यार हो गया। 12 साल से दोनों लिव-इन में रह रहे थे, शादी तो नहीं की लेकिन इस रिश्ते से भी 2 बेटे हुए। एक दशक से ज्यादा पुराने रिश्ते से बेटे नाराज थे, सालों से दबा गुस्सा ही मौत की वजह बनी। कैसे टूटा सब कुछ एक रात में? पढ़िए पूरी इनसाइड स्टोरी:- पहले ये तीन तस्वीरें देखिए- पहले पढ़िए रिश्ते की शुरुआत कैसे हुई अहिवारा की रहने वाली मीरावती कुछ साल पहले अपने पति से अलग हो गई थी। इसी दौरान भिलाई निवासी बलविंदर, जो काम के सिलसिले में अक्सर अहिवारा आता था, से उसकी जान-पहचान हुई। बताया जा रहा है कि करीब 12 साल पहले दोनों के बीच संपर्क शुरू हुआ था। उस समय मीरावती के दो बेटे त्रिलोचन और भूपेश थे। धीरे-धीरे बलविंदर का घर आना-जाना बढ़ा और संबंध प्रेम-प्रसंग तक पहुंच गए। शुरू में परिवार को इसकी भनक तक नहीं लगी। इधर बलविंदर पर घरवाले शादी का दबाव बना रहे थे, लेकिन उसने हर बार इंकार कर दिया। उसने मीरावती से अपने रिश्ते को जारी रखा और कभी किसी दूसरी लड़की से शादी नहीं की। बाद में जब मीरावती से उसे एक बेटा हुआ, तब रिश्ते की बात परिजनों के सामने आई। बच्चा हुआ तो दादा-दादी के पास छोड़ा बलविंदर की बहन सरबजीत कौर ने बताया कि बलविंदर और मीरावती के बीच प्रेम संबंध की जानकारी परिवार को तब हुई, जब उनका पहला बेटा हुआ। जब परिजनों ने उनसे शादी को लेकर पूछा, तो बलविंदर ने साफ कह दिया कि उन्होंने शादी नहीं की है और वे ऐसे ही साथ रह रहे हैं। विवाद के बाद अलग होने की हो रही थी बातें मीरावती और बलविंदर के दो बेटे होने के बाद उनके बीच विवाद बढ़ने लगे थे। बलविंदर की बहन सरबजीत कौर के मुताबिक, बलविंदर ने परिवार के सामने दो-तीन बार यह बात कही थी कि अब वह मीरावती के साथ नहीं रहना चाहता और अलग होना चाहता है। परिवार ने भी उसे यही सलाह दी कि चूंकि दोनों की शादी नहीं हुई है, इसलिए अगर सहमति से अलग होना चाहते हैं तो शांतिपूर्वक अलग हो जाएं। सरबजीत ने बताया कि उन्होंने बलविंदर को सुझाव दिया था कि मीरावती से एक लिखित सहमति ले ले, ताकि कोई विवाद न हो। सरबजीत के अनुसार, करीब डेढ़ साल पहले मीरावती ने भी उन्हें फोन कर कहा था कि वह बलविंदर के साथ नहीं रहना चाहती और अलग होना चाहती है। तब उन्होंने मीरावती को भी यही कहा था कि अगर अपनी मर्जी से यह रिश्ता शुरू किया है और अब अलग होना चाहती हो तो आपसी सहमति से अलग हो जाओ, शादी तो हुई नहीं है। सरबजीत ने कहा कि उन्हें तो दोनों के रिश्ते की जानकारी भी तब हुई, जब पहला बच्चा हुआ। एक दिन पहले धमकी और अगले ही दिन मर्डर बलविंदर के परिजनों ने बताया कि घटना से एक दिन पहले मीरावती ने फोन पर धमकी दी थी कि अगर वह अहिवारा आया तो उसे मार डालूंगी, कॉल स्पीकर पर था और नाबालिग बेटे ने भी सुना। परिवार ने इसे मामूली झगड़ा समझकर गंभीरता से नहीं लिया, जबकि मीरावती ने बार-बार फोन कर बलविंदर को बुलाया। परिजन और प्रत्यक्षदर्शी बताते हैं कि जब वह गया तो दरवाजा बंद कर दोनों बेटों समेत मौजूद लोगों ने फावड़े और लाठी-डंडों से हमला किया। पुलिस जांच कर रही है। रात को कॉल आया, सुबह बलविंदर की लाश मिली- परिजन बलविंदर के चचेरे भाई शमशेर सिंह ने बताया कि उन्हें रात करीब 8 से 8:30 बजे जानकारी मिली कि बलविंदर की हत्या कर दी गई है। सूचना मिली कि उस पर हमला उसकी लिव-इन पार्टनर और उसके बेटों ने मिलकर किया है। जैसे ही यह खबर मिली, वह अपने पिता और भाई के साथ अहिवारा के लिए रवाना हो गए। शमशेर ने बताया कि जब वे नंदिनी थाना पहुंचे, तो पुलिस ने एक शव दिखाया और पुष्टि करने को कहा कि क्या यह बलविंदर है। उन्होंने पहचान की कि, वह उनके ही भाई का शव है। इसके बाद वे कचांदूर अस्पताल पहुंचे। अहिवारा के आसपास रहने वाले लोगों ने परिजनों को बताया कि मीरावती और बलविंदर के बीच कुछ समय से विवाद चल रहा था। हालांकि, असली कारण क्या था, यह स्पष्ट नहीं हो पाया। बलविंदर के एक दोस्त ने बताया कि वे कुछ लोगों के साथ बैठे थे, तभी मीरावती का फोन आया और बलविंदर तुरंत वहां से चला गया। इसके कुछ ही देर बाद जानकारी मिली कि उसकी हत्या कर दी गई है। महिला ने रची हत्या की साजिश, पुलिस बचा रही- परिजन बलविंदर के परिजनों ने आरोप लगाया है कि पुलिस, महिला को बचाने की कोशिश कर रही है, जबकि उसी ने बलविंदर को फोन कर अहिवारा बुलाया था। परिजनों के अनुसार, एक दिन पहले ही उसने बलविंदर की मां को फोन पर धमकी दी थी कि अगर वह दोबारा यहां आया तो उसे जान से मार देगी। बलविंदर की बहन सरबजीत कौर ने बताया कि आसपास के लोगों ने उन्हें बताया कि घटना के वक्त महिला मौके पर मौजूद थी और दोनों बेटों ने मिलकर बलविंदर पर हमला किया। उन्होंने कहा कि यह हमला महिला की रजामंदी से किया गया और उसी की साजिश थी। पुलिस को महिला के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज करनी चाहिए। बलविंदर के चचेरे भाई गुरप्रीत सिंह सनौत्रा ने कहा कि हमारे बड़े भाई को सोची-समझी साजिश के तहत मारा गया है। इससे पहले भी बलविंदर को कई बार धमकियां मिल चुकी थीं कि वह अहिवारा न आए। उन्होंने बताया कि विवाद काफी समय से चल रहा था, जिसकी जानकारी बलविंदर अक्सर परिवार को देता रहता था। दोस्त बोला- दिन भर मेरे साथ था, फिर अचानक मुझे छोड़कर चला गया बलविंदर के करीबी दोस्त राकेश यादव उर्फ जस्टिन ने बताया कि करीब 12 साल पहले काम के दौरान मीरावती से उसकी जान-पहचान हुई थी, जो बाद में रिश्ते में बदल गई। शुरुआत में सबकुछ ठीक था, लेकिन हाल के दिनों में दोनों के बीच झगड़े बढ़ने लगे थे। शराब पीकर आया, गाली-गलौज किया- महिला मीरावती ने शुरुआती पूछताछ में पुलिस को बताया कि उसका पति शराब पीकर घर आया, गाली-गलौज की और मारपीट कर उसे जमीन पर पटक दिया। इसे देखकर उसके बेटे त्रिलोचन और भूपेश कोसरे ने बलविंदर की हत्या कर दी। पुलिस को बलविंदर की दूसरी महिला से नजदीकियों को लेकर संदेह है, जिसे लेकर परिवार में बार-बार विवाद होता था। फिलहाल, पुलिस मामले की जांच कर रही है। …………………………. इससे जुड़ी खबर भी पढ़ें… मां के लिव-इन पार्टनर को बेटों ने मार-डाला:फावड़े-लाठी से किया हमला, दुर्ग में बिना शादी रिलेशनशिप में रह रहे थे, बच्चों को आपत्ति थी छत्तीसगढ़ के दुर्ग में लिव-इन रिलेशनशिप में रह रहे पार्टनर की महिला के बेटों ने हत्या कर दी। बिना शादी किए ही दोनों साथ रह रहे थे। महिला अपने पति से कुछ समय पहले ही अलग हो गई थी। लेकिन बच्चों को इस रिश्ते पर आपत्ति थी। जिसे लेकर विवाद भी होता था। पढ़ें पूरी खबर…
मां के लिव-इन पार्टनर की हत्या…12 साल साथ रहे:दुर्ग में घरवालों ने बच्चों को पाला, अफेयर का शक, परिजन बोले- घर बुलाकर मार डाला

















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