छत्तीसगढ़ में अगले 3 दिन तक तेज बारिश की संभावना है। मौसम विभाग ने आज बलरामपुर, जांजगीर-चांपा, कोरबा, कोरिया और सूरजपुर इन पांच जिलों को छोड़ अन्य सभी जिलों में यलो अलर्ट जारी किया है। पिछले 24 घंटे की बात करें तो ज्यादातर जगहों पर बादल गरजने और हल्की से मध्यम बारिश रिपोर्ट की गई है। इसके अलावा दुर्ग संभाग के एक-दो स्थानों पर भारी बारिश हुई है। वहीं रायपुर में बुधवार को बिजली गिरने से पुलिसकर्मी के बेटे की मौत हो गई। दोपहर 1 बजे शॉर्ट-लंच में बच्चे स्कूल के मैदान में फ्रिसबी खेल रहे थे। इसी दौरान छात्र प्रभात साहू की चेस्ट पर बिजली गिरी। प्रभात 10वीं क्लास में पढ़ता था। मामला राजेन्द्र नगर थाना क्षेत्र के सेंट जोसेफ स्कूल का है। जानकारी के मुताबिक जिस जगह पर बच्चा खड़ा था, उससे 100 मीटर में ही चर्च के टावर पर तड़ित चालक(लाइटनिंग अरेस्टर) लगा हुआ था। आशंका जताई जा रही है कि बिजली का एक हिस्सा बच्चे पर गिरा। प्रभात की 2 बड़ी बहनें हैं। एक हाईस्कूल में ही पढ़ाई करती है। प्रभात के पिता शिव शरण साहू ACB रायपुर में पोस्टेड हैं। मानसून की बात करें तो 8 सितंबर तक प्रदेश में 87.3% प्रतिशत कोटा पूरा हो चुका है। सामान्य तौर पर औसत 1143.3 मिमी बारिश होती है, जबकि अब तक 998.6 मिमी वर्षा हो चुकी है। इस साल अगस्त के महीने को छोड़ दें तो मानसून अब तक सामान्य रहा है। अब देखिए बारिश से जुड़ी ये तस्वीरें- बिजली गिरने से रायपुर एयरपोर्ट का नेविगेशन सिस्टम खराब वहीं बिजली गिरने से रायपुर एयरपोर्ट का नेविगेशन सिस्टम बंद हो गया जिसके कारण दिल्ली से रायपुर आ रही इंडिगो की फ्लाइट नंबर 6E5138 को भोपाल डायवर्ट किया गया। फ्लाइट में कुल 170 यात्री सवार थे। फ्लाइट में दुर्ग से बीजेपी सांसद विजय बघेल और सीनियर IAS सोनमणी बोरा भी मौजूद रहे। रायपुर एयरपोर्ट के डायरेक्टर ने बताया कि बिजली गिरने की वजह से नेविगेशन सिस्टम खराब हो गया था। 5 फ्लाइट डायवर्ट की गई हैं। बलरामपुर में सबसे ज्यादा पानी बरसा प्रदेश में अब तक 998.6 बारिश हुई है। बेमेतरा जिले में अब तक 472 मिमी पानी बरसा है, जो सामान्य से 49% कम है। अन्य जिलों जैसे बस्तर, बेमेतरा, जगदलपुर में वर्षा सामान्य के आसपास हुई है। वहीं, बलरामपुर जिले में 1348.4 मिमी बारिश दर्ज की गई, जो सामान्य से 54 अधिक है। आंकड़े 1 जून से 9 सितंबर 2025 तक के हैं। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में दिक्कत अभी बरकरार पिछले हफ्ते उत्तरी और दक्षिणी छत्तीसगढ़ में भारी बारिश हुई। बस्तर संभाग के 4 जिलों में कई पुल टूट गए, 200 से ज्यादा घर ढह गए। नदियां-नाले उफान पर आ गए और बाढ़ जैसे हालात बन गए। प्रशासन को राहत और बचाव कार्य चलाना पड़ा। प्रभावितों को राहत शिविर में रखा गया है। फिलहाल स्थिति सामान्य की ओर बढ़ रही है, लेकिन बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में दिक्कतें अब भी बरकरार हैं। बलरामपुर में बांध फूटने से 6 लोगों की मौत इसके अलावा बलरामपुर में बांध फूटने की घटना में अब तक 6 लोगों की मौत हो चुकी है। 6 लोगों के शव मिल चुके हैं। 1 लापता बच्ची की तलाश जारी है। बता दें कि लगातार बारिश से लबालब बांध बह गया था। जिसकी चपेट में आकर निचले इलाके के 4 घर बह गए थे। बस्तर में 200 से ज्यादा घर ढहे बस्तर संभाग में पिछले दिनों हुई मूसलाधार बारिश के बाद चार जिलों दंतेवाड़ा, बीजापुर, सुकमा और बस्तर में बाढ़ से 200 से ज्यादा मकान ढह गए। 2196 लोग राहत शिविर में शिफ्ट किए गए। इन्हें स्कूल, इंडोर स्टेडियम, आश्रम जैसे जगहों पर ठहराया गया है। अब तक 5 लोगों की मौत हो चुकी है। अब बाढ़ के बाद की तस्वीरें भी सामने आई हैं। बारसूर में स्टेट हाईवे 5 पर पुल टूट गया, टूटे पुल पर अब सीढ़ी बांधकर ग्रामीण आना जाना कर रहे हैं। बता दें कि नारायणपुर, बस्तर, बीजापुर के 55 से 60 गांवों के ग्रामीण अपनी रोजमर्रा के सामानों के लिए बारसूर साप्ताहिक बाजार पहुंचते हैं। दरअसल, आसमान में विपरीत एनर्जी के बादल हवा से उमड़ते-घुमड़ते रहते हैं। ये विपरीत दिशा में जाते हुए आपस में टकराते हैं। इससे होने वाले घर्षण से बिजली पैदा होती है और वह धरती पर गिरती है। आकाशीय बिजली पृथ्वी पर पहुंचने के बाद ऐसे माध्यम को तलाशती है जहां से वह गुजर सके। अगर यह आकाशीय बिजली, बिजली के खंभों के संपर्क में आती है तो वह उसके लिए कंडक्टर (संचालक) का काम करता है, लेकिन उस समय कोई व्यक्ति इसकी परिधि में आ जाता है तो वह उस चार्ज के लिए सबसे बढ़िया कंडक्टर का काम करता है। जयपुर में आमेर महल के वॉच टावर पर हुए हादसे में भी कुछ ऐसा ही हुआ। आकाशीय बिजली से जुड़े कुछ तथ्य जो आपके लिए जानना जरूरी
रायपुर में बिजली गिरने से पुलिसकर्मी के बेटे की मौत:फ्रिसबी खेल रहा था, एयरपोर्ट का नेविगेशन सिस्टम भी फेल; आज 28 जिलों में अलर्ट

















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