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नक्सल खात्मा- आज बनेगी अंतिम रणनीति:ऑपरेशन में लगी फोर्स के अफसरों के साथ गृहमंत्री शाह की अहम बैठक

बस्तर दशहरा के मुरिया दरबार में शामिल होंगे शाह और साय केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह अपने दो दिन के दौरे में प्रदेश में चल रहे नक्सल अभियान की समीक्षा करेंगे। इस दौरान वे शनिवार को सुरक्षाबलों और राज्य पुलिस के आला अफसरों के साथ बैठक कर नक्सलियों पर अंतिम वार के लिए रणनीति तैयार करेंगे। शाह की इस बैठक में नक्सलियों द्वारा वार्ता के लिए भेजी गई चिट्ठी पर भी चर्चा की जाएगी। क्योंकि शाह पहले ही नक्सलियों को चेता ​चुके हैं कि यदि वे सरेंडर करते हैं तो सरकार उनका रेड कार्पेट में स्वागत करेगी, नहीं तो गोली का जवाब गोली से दिया जाएगा। इसी रणनीति को लेकर राज्य सरकार भी आगे बढ़ रही है। बताया गया है कि इस दौरान वे बस्तर में चलाए जा रहे अभियान की जानकारी लेंगे और दूरस्थ अंचल में राज्य और केंद्र सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं की जानकारी भी लेंगे, क्योंकि सरकार बस्तर में शांति और सुरक्षा बहाली के साथ-साथ वहां के लोगों को विकास की मुख्य धारा से भी जोड़ना चाह रही है।
केंद्रीय गृह मंत्री शाह 19 घंटे छत्तीसगढ़ में रहेंगे। इसमें से 45 मिनट वे जगदलपुर के सिरहासार भवन में मुरिया दरबार के कार्यक्रम में रहेंगे। वे लगभग 55 मिनट तक लाल बाग में सभा करेंगे। इस दौरान प्रदर्शनी भी देखेंगे। रायपुर से जगदलपुर पहुंचने पर सबसे पहले वे माता दंतेश्वरी का दर्शन और पूजन करेंगे। इस दौरान शाह जगदलपुर के लालबाग मैदान में प्रदेश की महिलाओं को महतारी वंदन की 20वीं किस्त जारी करेंगे। लगभग 65 लाख महिलाओं के खाते में वे डीबीटी के जरिए 606.94 करोड़ रुपए ट्रांसफर करेंगे। बस्तर का चौथा दौरा… फोकस: सुरक्षा के साथ गांवों तक विकास पहुंचाना केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह लगातार बस्तर का दौरा कर रहे हैं। उनका फोकस नक्सल मुक्त बस्तर पर है। इस दिशा में सुरक्षा बल लगातार आगे बढ़ रहे हैं। पिछले दो साल के भीतर नक्सलियों के आधा दर्जन से अधिक बड़े नेता मार गिराए गए हैं। नक्सलियों के संगठन के महासचिव बसवा राजू को भी फोर्स ने ढेर किया है। शाह सुरक्षा बल के काम से संतुष्ट हैं, लेकिन अब उनका फोकस बस्तर के विकास पर है। उनकी रणनीति है कि जहां सुरक्षा बल की पहुंच है या नए कैंप खुल गए हैं, वहां विभाग और एजेंसियां जैसे पीडब्ल्यूडी, पंचायत आदि कंधे से कंधे मिलाकर फोर्स के साथ चले। बिजली, पानी, सड़क और इंटरनेट के साथ अस्पताल, स्कूल, कॉलेज और भवन निर्माण, पीडीएस की सुविधा पहुंचाए। स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा करें। ताकि लोगों का आर्थिक विकास हो। शाह चाहते हैं कि सभी एजेंसियां तेजी से काम करें ताकि बस्तर के गांव-गांव में विकास पहुंचे। वन विभाग को भी अपने क्षेत्र का विकास सुनिश्चित करना है। इसके अलावा बस और ट्रेन की कनेक्टिविटी बढ़ाई जाएगी। इंद्रावती राष्ट्रीय उद्यान में आगंतुकों के लिए सुविधाएं बेहतर होंगी और सफारी का आनंद लिया जा सकेगा। शाह सभी एजेंसियों से चर्चा करेंगे और उन्हें नए टास्क देंगे। उनकी कोशिश है कि जो नक्सली सरेंडर कर चुके हैं या हथियार छोड़ चुके हैं। उन्हें सरकार की योजनाओं का पूरा लाभ मिले, ताकि वे फिर हथियार उठाने की ओर न जाएं।
जंगल के बाद शहर में तैयारी: बस्तर के जंगलों में सुरक्षा बल लगातार आगे बढ़ रहे हैं। इसका परिणाम यह हुआ है कि नक्सली हथियार छोड़कर शहर की ओर बढ़ रहे हैं। शहर के स्लम इलाकों में छिपे हुए या मजदूरी कर रहे नक्सलियों की गतिविधियों पर सरकार की नजर है। सरकार यह पता लगा रही है कि लगातार ऑपरेशन के बाद नक्सलियों की रणनीति क्या है। क्या उन्होंने हथियार छोड़ दिए हैं या कुछ समय के लिए अंडरग्राउंड हो गए हैं। आसपास के राज्यों में नई भर्ती कर कैडर बढ़ाया जा रहा है। सुरक्षा बल इन रणनीतियों के अनुसार काम कर रहे हैं।

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