कोंडागांव जिले में एक लाख के इनामी नक्सली ने सरेंडर किया है। 18 अक्टूबर को पिलसाय कश्यप ने SP ऑफिस में आत्मसमर्पण किया। वह लंबे समय से नक्सली संगठन में सक्रिय था और कई बड़ी घटनाओं में शामिल रहा। सुरक्षा बलों के लगातार अभियानों, नक्सली संगठन के अंदर बढ़ते मतभेदों, शीर्ष नक्सली नेताओं के आत्मसमर्पण और शासन की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति-2025 तथा नियद नेल्ला नार योजना के प्रभावी प्रचार-प्रसार के कारण उसने समाज की मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया। पिलसाय कश्यप का आपराधिक रिकॉर्ड भी है। वह 1-2 जून 2024 की रात ग्राम दुड़मी में रिलायंस जियो टावर मशीनरी में आगजनी और नक्सली बैनर लगाने की घटना में शामिल था। इसके अलावा, 20 अगस्त 2021 को कड़ेमेटा कैंप से निकली आईटीबीपी पार्टी पर फायरिंग कर दो जवानों की हत्या और हथियार लूटने के मामले में भी उसकी संलिप्तता थी। LOS का मेंबर था पिलसाय छत्तीसगढ़ सरकार ने पिलसाय कश्यप (32 साल) पर 1 लाख का इनाम रखा था। वह जिले के कुदूर का रहने वाला था। पिलसाय पूर्वी बस्तर डिवीजन के अंतर्गत कृषि विभाग/आमदई एलओएस का सदस्य था। 50 हजार की प्रोत्साहन राशि दी सड़क, बिजली, पानी, मोबाइल नेटवर्क जैसी सुविधाओं के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में शासन की योजनाओं की पहुंच और सुरक्षा बलों की सकारात्मक सामुदायिक पुलिसिंग ने ग्रामीणों और नक्सलियों में विश्वास का माहौल बनाया है। इसी विश्वास के चलते पिलसाय कश्यप ने SP वाय अक्षय कुमार (भा.पु.से.) के समक्ष आत्मसमर्पण किया। आत्मसमर्पण करने वाले नक्सली पिलसाय कश्यप को शासन की “आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति-2025” के तहत तत्काल 50,000 रुपए की प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई। इसके अतिरिक्त, अन्य पुनर्वास सुविधाओं के लिए वरिष्ठ कार्यालय को पत्राचार किया गया है। इस अवसर पर कमल सिंह, डिप्टी कमांडेंट 188वीं बटालियन सीआरपीएफ, रूपेश कुमार डांडे, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ऑप्स), सतीष भार्गव, उप पुलिस अधीक्षक (ऑप्स) सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
कोंडागांव में 1 लाख के इनामी नक्सली का सरेंडर:ITBP के 2 जवानों की हत्या में शामिल रहा; संगठन में बढ़ते मतभेदों से छोड़ी हिंसा

















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