छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में स्कूल परिसर में बने नक्सली स्मारक पर तिरंगा फहराने पर युवक को नक्सलियों ने मार डाला। जनअदालत में उसे मौत की सजा सुनाई गई। नक्सलियों ने युवक पर पुलिस मुखबिरी का भी आरोप लगाया। वहीं गुरुवार को युवक के तिरंगा फहराने का वीडियो सामने आया था। यह मामला परतापुर थाना क्षेत्र का है। जानकारी के मुताबिक, मनेश नुरूटी (25) ग्राम बिनागुंडा का रहने वाला था। 15 अगस्त को उसने ग्रामीणों के साथ नक्सली स्मारक पर तिरंगा फहराया था। 16 अगस्त को नक्सलियों ने जनअदालत में उसकी गला घोंटकर हत्या कर दी। 17 अगस्त को बैनर लगाकर मुखबिरी की बात कही थी। पहले देखिए ये 3 तस्वीरें- बैनर लगाकर सरपंच को भी धमकाया नक्सलियों ने बैनर में लिखा कि सरपंच रामजी धुर्वा ने डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड (DRG) जवानों और टीआई के साथ मिलकर कई लोगों को अपने साथ जोड़ा। उन्होंने इलाके की गुप्त सूचना देकर मुठभेड़ करवाई। बिनागुंडा मुठभेड़ के लिए बैजू नरेटी को जिम्मेदार ठहराते हुए नक्सलियों ने उसे भी धमकी दी है। SP आई के एलिसेला ने बताया कि मनेश नुरेटी की हत्या की गई है, जिसे लेकर नक्सलियों ने 17 अगस्त को बैनर लगाया है। हत्या की वजह मुखबिरी बताया गया है। साथ ही स्कूल में झंडा फहराने का वीडियो भी सामने आया है। तिरंगा फहराने की वजह से भी हत्या की बात कही जा रही है। फिलहाल, इसकी जांच की जा रही है। 16 अप्रैल को 29 नक्सली मारे गए थे नक्सलियों ने बैनर में बिनागुंडा मुठभेड़ का जिक्र किया है। बता दें कि 16 अप्रैल 2024 को बिनागुंडा इलाके में सुरक्षा बलों ने 29 नक्सलियों को मार गिराया था। इनमें खूंखार नक्सली नेता शंकर राव भी शामिल था। इसके बाद क्षेत्र में कई मुठभेड़ें हुईं और नक्सली वहां से भाग गए थे। अब नक्सलियों ने फिर से अपनी मौजूदगी दर्ज कराई है। 2 महीने पहले बीजापुर में ग्रामीणों की हत्या 2 महीने पहले बीजापुर जिले में नक्सलियों ने 2 ग्रामीणों की हत्या कर दी। इनमें एक सरेंडर नक्सली भी शामिल था। नक्सलियों ने पुलिस मुखबिरी के शक पर इनकी जान ली है। मामला पामेड़ थाना क्षेत्र का है। मृतकों का नाम समैय्या और वेको देवा है। समैय्या पहले नक्सली था। उसने 2025 में आत्मसमर्पण किया था। वहीं वेको देवा ग्रामीण है। दोनों नक्सल प्रभावित गांव सेंड्राबोर और एमपुर के रहने वाले थे। इसके बाद बीजापुर में ही नक्सलियों ने धारदार हथियार से एक युवक की हत्या कर दी थी। बड़ी संख्या में हथियारबंद नक्सली पहुंचे थे। घर से किडनैप कर वारदात को अंजाम दिया है। शव गांव के बाहर ही फेंककर भाग गए थे। मामला उसूर थाना क्षेत्र के पेरमपल्ली गांव का है। 25 साल में 1820 से ज्यादा हत्याएं बता दें कि, नक्सलियों ने छत्तीसगढ़ राज्य गठन के बाद से लेकर अब तक यानी पिछले 25 सालों में बस्तर के अलग-अलग जिलों में 1820 से ज्यादा लोगों की हत्या हुई है। इनमें आम नागरिक समेत जनप्रतिनिधि भी शामिल हैं। सबसे ज्यादा हत्या बीजापुर जिले में ही हुई है। …………………………… इससे जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… नक्सलियों ने 2 ग्रामीणों को किडनैप कर मार डाला: इनमें एक सरेंडर नक्सली भी, कहा-पुलिस के मुखबिर थे; बीजापुर में 7 दिन में 5 हत्याएं छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में नक्सलियों ने शनिवार देर रात 2 ग्रामीणों की हत्या कर दी। बताया जा रहा है कि इनमें एक सरेंडर नक्सली भी शामिल है। नक्सलियों ने पुलिस मुखबिरी के शक पर इनकी जान ली है। मामला पामेड़ थाना क्षेत्र का है। पढ़ें पूरी खबर…
नक्सलियों ने तिरंगा फहराने वाले युवक को मार-डाला,VIDEO:जनअदालत लगाई, गला घोंटा, सरपंच को धमकाया; 15 अगस्त को स्मारक पर ध्वजारोहण किया था

















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