नक्सलियों की केंद्रीय कमेटी ने 11 पन्नों का एक बुकलेट जारी किया है। बुकलेट में अब तक के हुए नुकसान की समीक्षा की है। नक्सलियों ने माना है कि, केंद्रीय कमेटी ने युद्ध की, नक्सल संगठन के कामों की जो रणनीतियां बनाई थी उन रणनीतियों के तहत काम नहीं हुआ है। यही वजह है कि 1 साल के अंतर्गत देश में पहली बार संगठन के महासचिव बसवाराजू समेत 4 केंद्रीय कमेटी मेंबर और 17 स्टेट कमेटी मेंबर मारे गए हैं। नक्सलियों के इस बुकलेट में फिलीपींस संगठन के लीडर लुई जलंदानी के मौत का भी जिक्र है। संगठन को मजबूत करने की कोशिश हालांकि, माओवादियों ने अपनी कमियों को दूर करने, सरेंडर रोकने, पार्टी को मजबूत करने और सरकार के मिशन 2026 को फेल करने की बात बुकलेट में लिखी है। साथ ही कर्रेगुट्टा हिल्स में नक्सलियों के खिलाफ फोर्स के चलाए गए ऑपरेशन के दौरान जवानों पर हमला कर AK-47 समेत अन्य हथियार लुटने की बात भी कही है। दरअसल, नक्सलियों की सेंट्रल कमेटी के नेताओं ने संगठन के लोगों को 21 सितंबर से लेकर 27 सितंबर तक CPI माओवादी की 21वीं स्थापना दिवस मनाने को कहा है। साथ ही नक्सलियों के खिलाफ चलाए जा रहे फोर्स के सारे ऑपरेशंस को विफल करने कहा है। नक्सलियों की इस बुकलेट से यह स्पष्ट है कि वे किसी बड़े हमले की तैयारी कर रहे हैं। ये लीडर मारे गए नक्सलियों ने अपनी बुकलेट के माध्यम से कहा है कि, सेंट्रल कमेटी के महासचिव बसवाराजू, केंद्रीय कमेटी सदस्य चलपति, विवेक, उदय, राज्य कमेटी सदस्य जगजीत सिंह सोहल, गौतम, मधु, सज्जा वेंकट नागेश्वर राव, जय, रूपेश, नीति, कार्तिक, चैते, गुड्डू, सत्यम आलोक, अरुणा, मधु, भास्कर, जगन, विजय समेत अन्य मारे गए हैं। वहीं जिला कमेटी, कंपनी कमेटी के 26, एरिया कमेटी, प्लाटून सदस्य 86, PLGA सदस्य 152, स्थानीय जन निर्माण कामरेड्स 38 मारे गए हैं। वहीं 43 मौतों का नक्सलियों की सेंट्रल कमेटी के पास भी कोई विवरण नहीं है।
नक्सलियों ने जारी किया 11 पन्नों का बुकलेट:माना-देश में पहलीबार एक साल में महासचिव समेत 4 CCM, 17 SCM मारे गए, सही रणनीति नहीं, इसलिए नुकसान

















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