शहर में एक भी एजेंसी लोगों को तौलकर सिलेंडर नहीं दे रही है, कई वार्डों से गैस कम मिलने की शिकायत

राजधानी में एक भी गैस एजेंसी लोगों को तौलकर की डिलिवरी नहीं कर रही है। नियमों के अनुसार सिलेंडर पहुंचाने से पहले उसका तौल जरूरी है। लोगों के पास ये अधिकार है कि वे बिना तौला हुआ सिलेंडर लेने से मना कर सकते हैं। शहर के कई वार्डों से इस तरह की शिकायतें मिलने लगी है कि उनका सिलेंडर वजन में कम होता है। लेकिन आज तक खाद्य विभाग, नाप-तौल विभाग और पेट्रोलियम कंपनियों ने इस मामले में एक भी गैस एजेंसी पर कोई कार्रवाई नहीं की है। न ही किसी गैस एजेंसी को कभी इस मामले में कोई नोटिस दी गई है। यही वजह है​ कि एजेंसी वाले भी इस काम को गंभीरता से नहीं लेते हैं। कम​र्शियल और घरेलू सिलेंडरों से गैस निकालकर उसे छोटे सिलेंडरों में भरकर बेचने के मामले में शहर के थानों में तीन माह में करीब छह एफआईआर हो चुकी है। जांच के दौरान ये साबित हो चुका है कि सिलेंडरों से गैस निकालकर चोरी की जा रही है। इतना ही नहीं मंदिरहसौद के गैस डिपो से निकलने वाले गैस कैप्सूल टैंकरों से भी गैस की चोरी के मामले में एफआईआर हो चुकी है। टैंकरों से गैस निकालकर उसे सिलेंडरों में भरा जा रहा था। बाद में इसी सिलेंडरों को फर्जी तरीके से बेचा भी जा रहा था। गैस एजेंसी वाले जानबूझकर इस नियम का प्रचार भी नहीं करते हैं। इसलिए लोगों को पता भी नहीं होता है कि उन्हें सिलेंडर तौलकर ही लेना है। ये आपके अधिकार हैं, इससे कोई इंकार नहीं कर सकता ऑटो वाले व डिलिवरी ब्वाय करते हैं गड़बड़ी
खाद्य विभाग की पड़ताल में इस बात की जानकारी मिली है कि गैस गोदामों से सिलेंडर लेकर निकलने वाले ऑटो वाले और डिलिवरी ब्वॉय ही इस तरह की गड़बड़ी कर रहे हैं। वे गोदामों से सिलेंडर लेकर निकलने के बाद उसे किसी सुनसान जगह पर लेकर जाते हैं। वहां सिलेंडरों से गैस निकालने का पूरा साजो-सामान होता है। आम भाषा में इसे बांसुरी कहा जाता है। इस तरह के उपकरण से सभी सिलेंडरों से थोड़ी-थोड़ी गैस निकालकर छोटे सिलेंडरों में भरी जाती है। इस काम के बदले कालाबाजारी करने वाले उन्हें एक निश्चित रकम देते हैं। शहर में इनका सिंडिकेट भी सक्रिय है। ये लोग एजेंसियों में घूम-घूमकर ऐसे लोगों को सेट करते हैं। जो बाद में उनके लिए चोरी करते हैं।
ओटीपी की वजह से परेशान हो रहे हैं लोग
तीनों पेट्रोलियम कंपनियों की ओर से अब सिलेंडरों की होम डिलिवरी तभी की जाती है जब ग्राहक ओटीपी बताता है। सिलेंडरों की कालाबाजारी रोकने के लिए यह नियम बनाया गया है। घरों में सिलेंडर पहुंचाने के पहले ग्राहक को ओटीपी भेजा जाता है। ग्राहक इस ओटीपी को डिलिवरी ब्वॉय को बताता है। अभी कई जगहों पर ग्राहकों के मोबाइल नंबर पुराने या अपडेट नहीं हो पाए हैं। ऐसे में उनके पास कंपनी की ओर से भेजा ओटीपी मिलता ही नहीं है। इस पर डिलिवरी ब्वॉय उन्हें सिलेंडर देने से इंकार कर देता है। जब तक एजेंसी जाकर वे मोबाइल नंबर अपडेट या नया दर्ज नहीं करा देते घरों में सिलेंडर नहीं पहुंचता है। इस नए नियम से लोग काफी परेशान हो रहे हैं। सिलेंडर तौल कर या कम दे रहे हैं तो यहां करें शिकायत बिना तौला सिलेंडर लेने से मना कर दें
लोगों के घरों में पहुंचने वाला सिलेंडर तौलकर ही दिया जाए इस नियम में सख्ती के लिए कई बार पेट्रोलियम कंपनियों को चिट्ठी लिखी जा चुकी है। एजेंसी वालों से भी कहा गया है, लेकिन वे इसे मानते ही नहीं है। लोगों को ही जागरूक होना होगा। बिना तौला सिलेंडर लेने से वे इंकार कर सकते हैं।
– भूपेंद्र मिश्रा, जिला खाद्य नियंत्रक

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