बिलासपुर के पं. सुंदरलाल शर्मा ओपन यूनिवर्सिटी में डॉ. वीरेंद्र सारस्वत नए कुलपति बनाए गए है। बुधवार (30 जुलाई) को उन्होंने कार्यभार ग्रहण किया। कार्यभार ग्रहण के बाद प्रो. सारस्वत ने दैनिक भास्कर से खास बातचीत की। इस दौरान उन्होंने डिजिटलाइजेशन, AI, नए रिसर्च के बारे में यूनिवर्सिटी की प्री प्लानिंग बताई। बता दें कि प्रो. सारस्वत आगरा के डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग के निदेशक रहे है। उन्हें शिक्षा क्षेत्र में 30 सालों का अनुभव है। उनके नाम 38 से अधिक शोध पत्र प्रकाशित हैं। इसी अनुभव के आधार पर वे यूनिवर्सिटी को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने विदेशी विश्वविद्यालयों से सहभागिता की योजना बना रहे हैं। प्रो. सारस्वत से इंटरव्यू के कुछ अंश पढ़िए आप भी… सवाल: ओपन यूनिवर्सिटी में आपकी प्रमुख प्राथमिकताएं क्या होगी? जवाब: मेरी पहली प्राथमिकता शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार, प्रशासनिक दक्षता और छात्र-सेवाओं को सशक्त बनाना है। हमारा लक्ष्य विश्वविद्यालय को देश की एक आदर्श मुक्त विश्वविद्यालय के रूप में विकसित करना है। सवाल: वर्तमान समय डिजिटलाइजेशन का है, इस दिशा में क्या काम करेंगे? जवाब: डिजिटल शिक्षा आज की आवश्यकता है। हम कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित शिक्षण प्रबंध प्रणाली लर्निंग मैनेजमेंट सिस्टम विकसित करेंगे, जिसके माध्यम से विश्वविद्यालय को डिजिटल युग के लिए तैयार करेंगे। इसके जरिए छत्तीसगढ़ के गांव-गांव और घर-घर तक गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा पहुंचाएंगे। साथ ही विश्वविद्यालय को डिजिटल युग के लिए तैयार करेंगे। सवाल: उच्च शिक्षा के लिए यूनिवर्सिटी में नए कोर्स शुरू करने की कोई योजना है क्या? जवाब: वर्तमान में पाठ्यक्रमों को औद्योगिक डिमांड और कौशल आधारित बनाया जाएगा। जरूरत के मुताबिक नए कोर्स भी शुरू किए जाएंगे। ताकि छात्रों को बेहतर रोजगार के अवसर मिल सकें। साथ ही अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए राष्ट्रीय स्तर की वित्तपोषित परियोजनाओं को प्रोत्साहित किया जाएगा। सवाल: राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के क्रियान्वयन को लेकर आपकी क्या रणनीति है? जवाब: मल्टी लेयर एंट्री और एग्जिट सिस्टम, शैक्षणिक बैंक ऑफ क्रेडिट (एबीसी), बहुविषयी और कौशल आधारित कार्यक्रमों को तेजी से लागू किया जाएगा। साथ ही स्थानीय भाषाओं में उच्च गुणवत्ता की अध्ययन सामग्री विकसित करने और शिक्षकों को प्रशिक्षण देने पर विशेष बल रहेगा। सवाल: यूनिवर्सिटी की पहचान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हो, इसके लिए क्या प्रयास होगा? जवाब: बिल्कुल। हम स्वयं, एनपीटीईएल जैसे राष्ट्रीय मंचों पर अधिक पाठ्यक्रम उपलब्ध कराएंगे। कृत्रिम बुद्धिमत्ता, आंकड़ा विश्लेषण, सतत विकास जैसे वैश्विक विषयों पर विदेशी विश्वविद्यालयों से सहभागिता की योजना बना रहे हैं। इसके लिए उन्होंने एकेडमिक स्टाफ की बैठक ली है। सवाल: ओपन यूनिवर्सिटी में प्रदेश भर के छात्र अध्ययनरत हैं, उनकी सुविधा के लिए नई योजना है क्या? जवाब: हमने छात्रों के लिए एक ई-मेल तैयार किया है, जिसमें छात्र अपने प्रवेश, परीक्षा सहित अन्य शिकायत और समस्याओं को बता सकते हैं। यूनिवर्सिटी प्रबंधन द्वारा उनकी समस्याओं का 15 दिनों के अंदर निराकरण किया जाएगा। इसके लिए उन्हें यूनिवर्सिटी आने की जरूरत नहीं होगी। हम मेल से उन्हें जवाब देंगे और हार्ड कॉपी उनके एड्रेस पर भेजा जाएगा। सवाल: यूनिवर्सिटी में रिसर्च डेवलपमेंट के लिए क्या प्रयास किए जाएंगे? जवाब: हम विश्वविद्यालय को यूजीसी से बारह-बी (12-बी) मान्यता दिलाने के लिए प्रयास करेंगे। ताकि अनुसंधान को राष्ट्रीय स्तर पर वित्तीय सहायता प्राप्त हो सके। उद्योग-अकादमिक समन्वय प्रकोष्ठ की स्थापना की जाएगी। जिससे छात्रों को प्रशिक्षण, वास्तविक परियोजनाओं और प्लेसमेंट के अवसर मिल सकें। जानिए 12-बी मान्यता मिलने के बाद क्या होगा दरअसल, विश्वविद्यालय के शिक्षा और अनुसंधान के उच्च मानकों को मान्यता देता है। यूजीसी 12 बी दर्जा प्राप्त होने से विश्वविद्यालय के शिक्षक और छात्र यूजीसी, भारत सरकार या केंद्र सरकार से विभिन्न शोध और शैक्षणिक गतिविधियों के संचालन के लिए फंड हासिल करने वाले किसी भी संगठन से अनुदान प्राप्त करने के पात्र हो जाते हैं। यूनिवर्सिटी को यूजीसी से 12-बी मान्यता मिलने के बाद फंड की कमी नहीं होगी और नए रिसर्च हो सकेंगे। कुलपति की पहली बैठक में इस तरह रखे गए प्रमुख बिंदू नए कुलपति डॉ. वीरेंद्र सारस्वत का कहना है कि यूनिवर्सिटी की भूमिका अहम है। वर्तमान समय में तकनीकी, गुणवत्ता के साथ ही पहुंच आधारित डिजिटल एजुकेशन और रिसर्च पर फोकस होना चाहिए। हम यूनिवर्सिटी में इस दिशा में बेहतर काम करेंगे। कोशिश होगी कि आने वाले समय में हाईटेक तकनीक से ऐसा सिस्टम बनाएंगे, जिसके माध्यम से उच्च शिक्षा छत्तीसगढ़ के गांव-गांव और घर-घर तक पहुंच सके। …………………. इससे जुड़ी खबर भी पढ़ें… आगरा यूनिवर्सिटी के प्रो. वीके सारस्वत बने कुलपति:छत्तीसगढ़ के पंडित सुंदर लाल शर्मा मुक्त विश्वविद्यालय की मिली जिम्मेदारी आगरा के डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग के निदेशक रहे प्रो. वीके सारस्वत को छत्तीसगढ़ के बिलासपुर स्थित पंडित सुंदर लाल शर्मा मुक्त विश्वविद्यालय का कुलपति नियुक्त किया गया है। वर्तमान में प्रो. सारस्वत इनक्यूबेशन सेंटर के निदेशक हैं। पढ़ें पूरी खबर…
अब फॉरेन-यूनिवर्सिटी से जुड़कर छत्तीसगढ़ में कर सकेंगे रिसर्च:बिलासपुर ओपन विश्वविद्यालय के VC बोले- 12-बी में मान्यता दिलाने प्रयास जारी; पढ़िए प्रो.सारस्वत का इंटरव्यू…

















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