रायपुर नगर निगम अब शेयर मार्केट की तरह कमाई का जरिया बनेगा। शासन ने 100 करोड़ रुपए की म्यूनिसिपल बॉन्ड योजना को सैद्धांतिक स्वीकृति दे दी है। इसके तहत आम नागरिकों को निगम की परियोजनाओं में निवेश करने का अवसर मिलेगा। खास बात यह है कि इस योजना में 10 रुपए से लेकर लाखों रुपए तक निवेश किया जा सकेगा। यानी छोटे निवेशक से लेकर बड़े निवेशक तक सभी को मुनाफा कमाने का मौका मिलेगा। म्यूनिसिपल बॉन्ड का मकसद म्यूनिसिपल बॉन्ड का मकसद शहरों के विकास कार्यों के लिए पूंजी जुटाना है, ताकि निगम अपने स्तर पर वित्तीय संसाधन बढ़ा सके और राज्य सरकार पर निर्भरता घटे। इस व्यवस्था से निगम के अधीन सड़कों, जलापूर्ति, सीवरेज, स्ट्रीट लाइट और ग्रीन जोन जैसी परियोजनाओं के लिए सीधे जनता से फंड जुटाया जाएगा। नगर निगम ने सरकार को भेजा था प्रस्ताव नगर निगम रायपुर ने शासन को बॉन्ड जारी करने का प्रस्ताव भेजा था, जिसे अब स्वीकृति मिल गई है। बताया जा रहा है कि प्रारंभिक चरण में 100 करोड़ रुपए के बॉन्ड जारी किए जाएंगे। इसके तहत निगम को एक निर्धारित ब्याज दर पर निवेशकों को रिटर्न देना होगा। ब्याज दरें शेयर बाजार की तर्ज पर तय की जाएंगी, ताकि लोगों को आकर्षक मुनाफा मिल सके। पुणे, अहमदाबाद और इंदौर में सफल हो चुका मॉडल निगम अधिकारियों के अनुसार, इस पहल से निवेश के नए अवसर खुलेंगे और आम नागरिकों को भी विकास कार्यों में भागीदारी का मौका मिलेगा। नगर निगम का कहना है कि यह मॉडल देश के कई बड़े शहरों जैसे पुणे, अहमदाबाद और इंदौर में सफल साबित हुआ है, जहां नगर बॉन्ड जारी कर करोड़ों की राशि जुटाई गई। नगर निगम की वित्तीय स्थिति होगी मजबूत अधिकारियों के मुताबिक, रायपुर नगर निगम की वित्तीय स्थिति मजबूत है, इसलिए यह योजना निवेशकों के लिए भरोसेमंद साबित होगी। निगम बॉन्ड को सिक्योर (सुरक्षित) कैटेगरी में रखा जाएगा, यानी निवेशक को पूंजी की सुरक्षा और निश्चित ब्याज का आश्वासन रहेगा। राज्य शासन ने नहीं ली जिम्मेदारी राज्य शासन के अधिकारियों के अनुसार, म्यूनिसिपल बॉन्ड प्रणाली से न केवल स्थानीय निकायों की आत्मनिर्भरता बढ़ेगी, बल्कि राज्य की आर्थिक स्थिति भी सुदृढ़ होगी। वित्त विभाग ने निगम को इस योजना के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। निगम को सेबी (SEBI) और आरबीआई (RBI) के नियमानुसार आवश्यक मंजूरी भी लेनी होगी। इसके साथ ही राज्य शासन की ओर से इस बॉन्ड योजना की कोई गारंटी नहीं दी जाएगी। इन म्यूनिसिपल बॉण्ड से संबंधित सभी देनदारियों नगर निगम रायपुर की होगी एवं राज्य शासन द्वारा किसी प्रकार का कोई Viability Gap Funding नहीं किया जावेगा। डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए बॉन्ड खरीदने की सुविधा इस प्रणाली के तहत निगम निवेशकों को डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए बॉन्ड खरीदने की सुविधा देगा। ऑनलाइन माध्यम से निवेश की प्रक्रिया पारदर्शी होगी। निवेशक अपने मोबाइल या कंप्यूटर से ही बॉन्ड खरीद और बेच सकेंगे। निगम इसके लिए एक समर्पित पोर्टल तैयार कर रहा है, जहां निवेश राशि, ब्याज दर और रिटर्न की जानकारी उपलब्ध रहेगी। बॉन्ड में लगने वाले पैसे इन्वेस्ट होगे इन प्रोजेक्ट्स में रायपुर नगर निगम के अधिकारियों का कहना है कि म्यूनिसिपल बॉन्ड से मिलने वाली पूंजी का उपयोग मुख्य रूप से अधोसंरचना और नागरिक सुविधाओं के विकास में किया जाएगा। इसमें स्मार्ट रोड, सोलर लाइटिंग, जल संरक्षण परियोजनाएं और कचरा प्रबंधन जैसे कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी। केंद्र सरकार से मिलेगा 25 प्रतिशत राज्य सरकार से स्वीकृति मिलने के बाद नगर निगम के अधिकारियों ने म्यूनिसिपल बॉन्ड लॉन्च करने की तैयारियां शुरू कर दी है। केंद्र सरकार सब्सिडी के रूप में 25 प्रतिशत राशि नगर निगम को देगी। निगम 100 करोड़ की म्यूनिसिपल बॉन्ड पॉलिसी ला रहा है, इसके तहत निगम को 25 प्रतिशत यानि 25 करोड़ रुपए केंद्र सरकार से मिलेगा, जिसका सीधा फायदा रायपुर नगर निगम का होगा। पढ़े आदेश की कॉपी …………………………………. यह खबर भी पढ़ें… रायपुर निगम बजट…इलेक्ट्रॉनिक मार्केट और ट्रेड टावर बनेंगे:वर्किंग विमेंस हॉस्टल, युवाओं को हाईटेक लाइब्रेरी, दिव्यांग पार्क और बच्चों के लिए प्ले जोन बनाए जाएंगे रायपुर नगर निगम में मेयर मीनल चौबे ने 1529 करोड़ 53 लाख 28 हजार रुपए का बजट पेश कर दिया है। शहर में तीन जगहों पर वर्किंग विमेंस हॉस्टल और विमेन रेस्ट रूम बनाए जाएंगे, जिसमें सेनेटरी वेंडिंग मशीन और बेबी फीडिंग रूम भी होंगे। बच्चों के लिए प्ले जोन, युवाओं के लिए लाइब्रेरी का ऐलान किया गया है। पढ़ें पूरी खबर…
शेयर मार्केट के तर्ज पर अब निगम करेगा कमाई:100 करोड़ की म्यूनिसिपल बॉन्ड योजना को शासन की मंजूरी;मुनाफा-घाटे की पूरी जिम्मेदारी नगर निगम की

















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