मनेंद्रगढ़ में विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर सर्व आदिवासी समाज द्वारा एक भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया। समारोह की शुरुआत धरती माता और पेड़ों की पूजा से हुई। इसके बाद तहसील कार्यालय से एक रैली निकाली गई। यह रैली मुख्य मार्गों से होते हुए आयोजन स्थल तक पहुंची। रैली में आदिवासी समाज की महिलाएं, बच्चे और पुरुष बड़ी संख्या में शामिल हुए। सभी लोग आदिवासी समाज के पारंपरिक परिधानों में नजर आए। विमल श्री परिसर में आयोजित कार्यक्रम में समाज के बच्चों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। इन प्रतिभागियों को सम्मानित भी किया गया। इस अवसर पर समाज के जिलाध्यक्ष शरण सिंह ने कहा कि सरकार जनजातीय समाज के लिए संविधान में दी गई व्यवस्थाओं को लागू नहीं कर रही है। आदिवासी कानूनों को अब तक नहीं मिला हक उन्होंने कहा कि पांचवी अनुसूची, छठवीं अनुसूची और पेशा कानून को अभी तक लागू नहीं किया गया है। उनके अनुसार सरकारें सिर्फ लॉलीपॉप देती रहती हैं और आदिवासी समाज आज भी उपेक्षा का शिकार है। पूर्व विधायक गुलाब कमरो ने कहा कि कांग्रेस की सरकार आदिवासी दिवस पर सरकारी आयोजन करती थी, जिसे अब बंद कर दिया गया है। उन्होंने मांग की कि भाजपा सरकार को भी इस दिन आयोजन करना चाहिए। कार्यक्रम में आदिवासी समाजों के प्रमुख हुए शामिल कार्यक्रम में पंद्रह आदिवासी समाजों के प्रमुख शामिल हुए। इनमें गोंड, उरांव, कोड़ाकू, अगरिया, कंवर, कोल, धुर्वे, पाव, बैग, भैना, खैरवार, धनुहारे, पण्डो और पढ़ारी समाज के प्रतिनिधि शामिल थे। कार्यक्रम में डॉ. विनय शंकर सिंह, अमोल सिंह मरावी, संतोष सिंह कमरों सहित कई गणमान्य लोगों का विशेष सहयोग रहा। कार्यक्रम का समापन समाज के विकास और एकजुटता के संकल्प के साथ हुआ।
विश्व आदिवासी दिवस पर मनेंद्रगढ़ में समारोह:रैली निकाली, सांस्कृतिक कार्यक्रम हुए; सरकारी आयोजन की मांग उठी

















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