खाद के मुद्दे पर विधानसभा में हंगामा:गर्भगृह में बैठ नारेबाजी करता रहा विपक्ष, रमन बोले- संसदीय परंपरा की धज्जियां उड़ीं

विधानसभा में मानसून सत्र का चौथा दिन हंगामेदार रहा। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने विपक्ष को निलंबित करने के बाद बाहर जाने को कहा, लेकिन वे गर्भगृह में बैठकर नारेबाजी करते रहे। इस वजह से प्रश्नकाल को ही स्थगित करना पड़ा। बाद में विपक्ष को पूरे दिन के लिए निलंबित कर दिया गया। विवाद खाद की किल्लत और इसकी कालाबाजारी से शुरू हुआ। इसको लेकर कांग्रेस विधायकों ने जमकर हंगामा मचाया। सरकार पर किसान विरोधी होने का आरोप लगाते हुए कांग्रेस ​विधायक गर्भगृह में चले गए। इससे वे स्वमेव निलंबित हो गए। अध्यक्ष के निर्देश के बाद भी निलंबित विधायक बाहर नहीं गए बल्कि वहीं नारेबाजी करते रहे। इस बीच स्पीकर ने प्रश्नकाल आगे बढ़ाया। फिर भी कांग्रेस ​विधायकों ने नारेबाजी करते हुए प्रश्नकाल को बाधित किया। जब सदन की कार्यवाही तीसरी बार शुरू हुई तब स्पीकर डा. रमन सिंह ने कहा कि संसदीय इतिहास में ऐसा पहली बार हो रहा है जब विपक्ष यहां की परंपराओं की धज्जियां उड़ा रहा है। भास्कर लाइव 11:06: कांग्रेस विधायक उमेश ने खाद संकट का सवाल उठाया।
11.13: निजी सेक्टर को पूरी खाद देने पर हंगामा शुरू।
11.20: अजय चंद्राकर ने कहा आपके समय में नकली खाद बिकती थी। इस विपक्ष द्वारा फिर हंगामा और नारेबाजी।
11.24 : कार्यवाही पांच मिनट के लिए स्थगित।
11.29: कार्यवाही दोबारा शुरू।
11.33: ​फिर खाद की कालाबाजारी के आरोप पर हंगामा।
11.35 : नारेबाजी कर वेल में पहुंचे कांग्रेसी विधायक।
11.38 : स्पीकर ने स्वमेव निलंबन की जानकारी दी और बाहर जाने का निर्देश दिया।
11.53 : विपक्ष नारेबाजी करता रहा तो स्पीकर ने कहा कि संसदीय परंपरा को ध्वस्त करने का काम किया है। सदन की कार्यवाही 12 बजे तक के लिए स्थगित।
12.40: बजे स्पीकर ने कांग्रेसी विधायकों को दिनभर के लिए निलंबित किया। विधायक-मंत्री के बीच चली लंबी बहस उमेश पटेल: कांग्रेस विधायक उमेश पटेल ने सवाल किया कि डीएपी की सप्लाई कितनी हुई है।
नेताम: भारत सरकार और सप्लाई करने वाली कंपनियों से सतत संपर्क में हैं। डीएपी के स्थान पर नैनो डीएपी को प्रमोट कर रहे हैं। इससे बहुत सारी समस्या दूर हो रही है।
उमेश: निजी और सहकारी सेक्टर में कितनी सप्लाई करते हैं।
नेताम: सहकारी में 64 तथा निजी में 36 फीसदी सप्लाई की जाती है। 20 जुलाई तक 18 हजार टन की सप्लाई और होने वाली है। एनपीके, डीएपी सभी खाद है। डीएपी की कमी पूरे देश में है।
रमन: मंत्री जी अब जितनी भी डीएपी की सप्लाई होगी उसे सहकारी सेक्टर को दें, निजी सेक्टर में सप्लाई न करें।
नेताम: आपकी भावना के अनुरूप ऐसा ही करेंगे। कमियों को जल्द पूरा कर लेंगे।
उमेश: व्यापारियों द्वारा अधिक दाम पर बेचने की शिकायत आई तो क्या कार्रवाई हुई?
नेताम: इस तरह की शिकायतें आ रही हैं। अमानक नमूनों के विरुद्ध कार्रवाई की गई है।
उमेश: अधिक दाम पर डीएपी बिकने की शिकायत की गई पर कार्रवाई नहीं हुई? निजी को उठाकर सहकारी समितियों को दे दीजिए।
अजय: आपके शासन काल में राजनांदगांव में नकली यूरिया बिकती थी इसलिए खाद की किल्लत नहीं हुई।
भूपेश: अजय चंद्राकर ने गलत बात कही। हमारे समय तो कार्रवाई हुई। आपके कार्यकाल में हर साल वहां नकली यूरिया पकड़ा जाता था। फिर हंगामा नारेबाजी
भूपेश : 1.8लाख टन डीएपी में निजी और सहकारी को कितना सप्लाई किया?
नेताम: आपने सुना नहीं, 64 फीसदी,
भूपेश: 1.8 लाख का वाइफरकेशन पूछा मुझे प्रतिशत में नहीं, आंकड़ों में बता दीजिए?
नेताम: 1.8 लाख जून तक था। अभी तक 1.72 लाख टन डीएपी आ गया है। पांच दिन में 18 हजार टन और मिल जाएगा। यह वैश्विक समस्या है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी।
रमन: मंत्री का जवाब आ गया है। अब इसके बाद कुछ बचता नहीं। तीसरा सवाल लिया जाए। राजेश अग्रवाल जी अगला प्रश्न करें।

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