प्रधान पाठक ही शिक्षक और प्यून भी:कमरे में एक ही बोर्ड पर चल रही पहली से लेकर 5वीं की क्लास

स्कूल में एक ही ​शिक्षक है। वही प्रधान पाठक है और प्यून का भी काम वही करता है। एक ही कमरे में पहली, दूसरी, तीसरी, चौथी और पांचवीं कक्षाओं के बच्चों को बैठाकर पढ़ाता भी है। संकुल में बैठक हो, कोई रिपोर्ट जमा करनी हो, डाक लाना या पहुंचाना हो, या राशन दुकान से मध्याह्न भोजन का चावल लाना हो, सब अकेले शिक्षक के जिम्मे ​है। दैनिक भास्कर की टीम धमधा ब्लॉक के शासकीय नवीन प्राथमिक शाला तुमाखुर्द (जरहा), सिरनाभाठा, अगार और मुड़पार स्कूल पहुंची तो शैक्षिक विसंगति सामने आई। तुमाखुर्द (जरहा): सोमवार, बुधवार, शुक्रवार को हेाती है चौथी, 5वीं की पढ़ाई दोपहर के ढाई बजे हैं। कक्षा से शिक्षक रामप्रकाश पटेल के पढ़ाने की आवाज आ रही थी। इसमें अलग-अलग कक्षाओं के बच्चे बैठे हैं। सामने ग्रीन बोर्ड पर चार खाने बने ​हुए हैं। पहले में पहली/दूसरी, फिर तीसरी, चौथी और पांचवीं के खंड बने हुए थे। पहली/दूसरी के बच्चों को बारह खड़ी लिखने कहा गया था। तीसरी को गाय की रचना, चौथी के बच्चों को छुट्‌टी के लिए आवेदन पत्र और चौथे खाने में पांचवीं के बच्चों को अंग्रेजी में फलों के नाम व गणित के कुछ सवाल हल करने दिए थे। अकेले शिक्षक पटेल सोमवार, बुधवार व शुक्रवार को चौथी और पांचवीं को पढ़ाते हैं। मंगलवार, गुरुवार व शनिवार को पहली दूसरी और तीसरी के बच्चों को। जिस दिन जिस कक्षा की क्लास नहीं होती, उन्हें वर्क देकर बैठा देते हैं। अगार: बच्चे खुद ही पढ़ते और पढ़ाते हैं सुबह के 10.40 बजे हैं। बरामदे में करीब 40 बच्चे बैठे हैं। बच्ची नैना जोशी हाथ में छड़ी लेकर ब्लैक बोर्ड पर लिखे अंग्रेजी के कैपिटल और स्माल लेटर को पढ़ रही है। बाकी बच्चे दोहरा रहे हैं। ये चौथी, 5वीं के बच्चे हैं। बाजू की तीसरी में ऐसा ही रवीना भी कर रही है। 82 बच्चों वाले इस स्कूल में 2 साल से शिक्षक नहीं है। मिडिल स्कूल के शिक्षक रूपेंद्र कुमार साहू ही यहां पढ़ाते हैं। शिक्षक न होने से बच्चों को किताबें नहीं बंट पा रही हैं।
सिरनाभाठा: मैडम एक कक्षा को पढ़ाती हैं, बाकी को लिखने का काम दे है सुबह के 9:43 हो रहे हैं। स्कूल की प्यून सुमित्रा पांडे ने गेट का ताला खोला। फिर बरामदे में झाड़ू लगाई। मैदान में खेल रहे बच्चे भागते हुए अंदर घुसे और अपनी-अपनी टाटपट्‌टी बिछाकर बैठ गए। पहली से पांचवीं कक्षा के बच्चे पंक्ति में नहीं, एक साथ मिलकर बैठे थे। बच्चों ने बताया कि उनकी मैडम साधना दानी रिटायर हो गई हैं। एक ही मैडम शहनाज बेगम उन्हें पढ़ाती हैं। मैडम जब एक कक्षा के बच्चों को पढ़ाती हैं तो बाकी अन्य कक्षाओं के बच्चों को कुछ लिखने का काम दे देती हैं। पांचवीं कक्षा के आकाश कुंभकार और दीक्षा तिवारी ने कहा हमारी मैडम बहुत परेशान हाे जाती हैं। नई मैडम कब तक आएगी।​​​​​​​ प्रधानपाठकों की पोस्टिंग और युक्तियुक्तकरण कर सभी स्कूलों में शिक्षकों की पदस्थापना की गई है। कलेक्टर के अनुमोदन पश्चात उसकी भी पूर्ति करने का प्रयास जारी है। जिले में सहायक शिक्षकों के 134, व्याख्याताओं के 168 पद रि​क्त हैं, इसलिए निर्धारित अनुपात में ​अभी शिक्षकों की कमी है, लेकिन बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रहा, ऐसा बिलकुल नहीं है।
– अरविंद मिश्रा, डीईओ

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