छत्तीसगढ़ में आज 18 जिलों में यलो अलर्ट जारी है। रायपुर में रातभर बारिश हुई और सुबह से रुक-रुक कर बौछारें पड़ीं। पिछले 24 घंटे में राज्य के अधिकांश संभागों में हल्की से मध्यम बारिश हुई, जिसमें बीजापुर में सबसे ज्यादा 56 मिमी दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बने एटमॉस्फेरिक सर्कुलेशन के कारण अगले दो दिन तक ऐसा ही मौसम रहेगा। यलो अलर्ट वाले जिलों में रायपुर, सरगुजा, जीपीएम, कोरबा, धमतरी, कोंडागांव, गरियाबंद, बीजापुर और बस्तर शामिल हैं, जहां गरज-चमक के साथ बिजली गिरने और आंधी चलने की संभावना है। इसी बीच, बिलासपुर के तखतपुर क्षेत्र में एक परिवार के तीन लोग बिजली गिरने से प्रभावित हुए। एक की मौत हो गई जबकि दो झुलस गए। घायलों को बेहतर इलाज के लिए सिम्स अस्पताल रेफर किया गया है, उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है। बलराम में सबसे ज्यादा बारिश, बेमेतरा में सबसे कम प्रदेश में अब तक 1133.5 मिमी बारिश हुई है। बेमेतरा जिले में अब तक 512 मिमी पानी बरसा है, जो सामान्य से 50% कम है। अन्य जिलों जैसे बस्तर, राजनांदगांव, रायगढ़ में वर्षा सामान्य के आसपास हुई है। जबकि बलरामपुर में 1499.2 मिमी पानी गिरा है, जो सामान्य से 52% ज्यादा है। जानिए क्यों गिरती है बिजली बादलों में मौजूद पानी की बूंदें और बर्फ के कण हवा से रगड़ खाते हैं, जिससे उनमें बिजली जैसा चार्ज पैदा होता है। कुछ बादलों में पॉजिटिव और कुछ में नेगेटिव चार्ज जमा हो जाता है। जब ये विपरीत चार्ज वाले बादल आपस में टकराते हैं तो बिजली बनती है। आमतौर पर यह बिजली बादलों के भीतर ही रहती है, लेकिन कभी-कभी यह इतनी तेज होती है कि धरती तक पहुंच जाती है। बिजली को धरती तक पहुंचने के लिए कंडक्टर की जरूरत होती है। पेड़, पानी, बिजली के खंभे और धातु के सामान ऐसे कंडक्टर बनते हैं। अगर कोई व्यक्ति इनके पास या संपर्क में होता है तो वह बिजली की चपेट में आ सकता है।
रायपुर में रातभर बारिश, आज 18 जिलों में अलर्ट:बिलासपुर में 3 पर बिजली गिरी, 1 की मौत; दो दिन और खराब रहेगा मौसम

















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