कोरबा जिले के पासरखेत गांव में 13 फीट लंबा किंग कोबरा देखा गया। 29 अक्टूबर की शाम करीब 4 बजे इतने बड़े सांप को देखकर ग्रामीणों में दहशत फैल गई और लोगों की भीड़ जमा हो गई। सूचना के बाद पहुंची स्नैक कैचर की टीम ने करीब डेढ़ घंटे के रेस्क्यू के बाद सांप को पकड़ा। इस दौरान किंग कोबरा ने फुफकार कर अपना आक्रामक रूप भी दिखाया। सांप को थैले में भरकर जंगल में सुरक्षित छोड़ा गया। रेस्क्यू की कुछ तस्वीरें आप भी देखिए… किंग कोबरा को ‘पहाड़ी चित्ती’ कहते है ग्रामीण ग्रामीणों ने किंग कोबरा को ‘पहाड़ चित्ती’ बताते हुए इसे अपने क्षेत्र की धरोहर और देव कहा, जिसका संरक्षण आवश्यक है। कोरबा डीएफओ प्रेमलता यादव ने आम जनता से अपील की है कि किंग कोबरा वन्यप्राणी (संरक्षण) अधिनियम-1972 की अनुसूची-I में शामिल है। इसे छेड़ना, मारना या नुकसान पहुंचाना अपराध की श्रेणी में आता है। ग्रामीणों ने वन विभाग को दी सूचना पासरखेत गांव में जब ग्रामीणों ने अचानक सांप को देखा तो तुरंत वन विभाग और नोवा नेचर वेलफेयर सोसायटी को सूचना दी। स्नैक कैचर जितेंद्र सारथी ने कोरबा डीएफओ प्रेमलता यादव को पूरी जानकारी दी, जिसके बाद रेस्क्यू शुरू किया गया। DFO के निर्देश पर एसडीओ आशीष खेलवार और एसडीओ सूर्यकांत सोनी के मार्गदर्शन में जितेंद्र सारथी अपनी टीम (एम सूरज, सिद्धांत जैन, बबलू मारवा) के साथ मौके पर पहुंचे। डेढ़ घंटे रेस्क्यू चला, सावधानी से पकड़ा करीब डेढ़ घंटे तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान किंग कोबरा ने कई बार फुफकार कर अपना आक्रामक रूप दिखाया। हालांकि, टीम ने धैर्य और सावधानी बरतते हुए किंग कोबरा को सुरक्षित रूप से एक थैले में डाल दिया। सफल रेस्क्यू के बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। खतरा महसूस होने पर किंग कोबरा करता है हमला विशेषज्ञों के मुताबिक, किंग कोबरा दुनिया का सबसे लंबा विषधर सांप है, जिसकी लंबाई 20 फीट या इससे भी अधिक हो सकती है। विशेषज्ञों के अनुसार, किंग कोबरा बिना वजह मनुष्यों पर हमला नहीं करता; यह केवल खतरा महसूस होने पर ही आक्रामक होता है। कोरबा जिले में हमेशा निकलता है किंग कोबरा 4 दिन पहले छोटे सांप को निगल गया था किंग कोबरा कोरबा जिले में 4 दिन पहले एक किंग कोबरा ने छोटे सांप को अपना शिकार बनाया था। सांप को निगलते हुए वीडियो भी सामने आया था। जिला मुख्यालय से 22 किलोमीटर दूर कोरबा वनमंडल के ग्राम कोरकोमा में बालमुकुंद राठिया के खेत में ये नजारा देखने को मिला है। 28 अगस्त 2025 को मदनपुर गांव में निकला था किंग कोबरा कोरबा जिले के मदनपुर गांव में 28 अगस्त 2025 को एक किंग कोबरा के दिखने से हड़कंप मच गया था। अजय कुमार सिंदर के घर में 15 फीट लंबा किंग कोबरा घुस गया। ग्रामीणों ने तुरंत वन विभाग और नोवा नेचर वेलफेयर सोसायटी की टीम को सूचित किया। 21 जून 2025 को लेमरू में दिखा था किंग कोबरा कोरबा जिले के लेमरू क्षेत्र में एक किसान के खेत में 11 फीट लंबा किंग कोबरा मिला था। किसान सीताराम खेत में काम कर रहा था। उन्होंने एक गड्ढे में हलचल देखी। पास जाकर देखा तो विशालकाय सांप था। ………………………. इससे जुड़ी खबर भी पढ़ें… टेबल के नीचे बैठा था बेबी स्नैक, VIDEO: कोरबा जिला अस्पताल में सांपों का डेरा; किंग कोबरा को जंगल में छोड़ा कोरबा जिले में सांपों की गतिविधियों से जुड़ी दो अलग घटनाएं सामने आई हैं। पहली घटना में वन विभाग ने सपेरों से किंग कोबरा को मुक्त कराया। सपेरे इस सांप को लोगों को दिखाकर पैसे वसूल रहे थे। वन विभाग ने सांप को जंगल में सुरक्षित छोड़ दिया। पढ़ें पूरी खबर…
फुफकारते हुए 13 फीट लंबे किंग-कोबरा का रेस्क्यू VIDEO:डेढ़ घंटे बाद हाथ आया, थैले में भरकर जंगल छोड़ा; खतरा होने पर करता है अटैक


















Leave a Reply