रायगढ़ में डेढ़ महीने से टंकी में गिरा रसेल वाइपर:बच्चों ने पत्थर मारकर किया घायल, रेस्क्यू टीम ने सुरक्षित बाहर निकालकर बचाई जान

छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में एक जहरीले सांप का रेस्क्यू किया गया। यह सांप पिछले डेढ़ माह से टंकी में गिरा हुआ था और गंभीर रूप से घायल था। इसकी सूचना मिलने के बाद रायगढ़ एनिमल सेवा समिति ने रेस्क्यू कर इसे सुरक्षित बाहर निकाला और जंगल में छोड़ा। दरअसल, शहर से करीब 18 किमी की दूरी पर स्थित भगोरा गांव के डैम में मरम्मत काम चल रहा था। ऐसे में यहां मजदूरों के नहाने और अन्य काम के लिए पानी का टंकी बनाया गया था। इसी टंकी में साढ़े 4 फीट का रसेल वाइपर प्रजाति का सांप गिर गया। टंकी सूखा था और उसमें ग्रामीण कचरा फेंकने लगे थे। तब सांप को ग्रामीणों ने देखा। बच्चों ने उसे पत्थर मारकर घायल कर दिया। ऐसे में वह बाहर नहीं निकल पा रहा था। करीब डेढ़ महीने सांप घायल अवस्था में टंकी में रहा। जब इसकी जानकारी के पास के सरकारी स्कूल के शिक्षकों को मिली तो उन्होंने रायगढ़ एनिमल समिति के अध्यक्ष धर्मेंद्र राजपूत को इसकी सूचना दी। छोटे सांप को खाकर जिंदा रहा 19 अगस्त को धर्मेंद्र अपनी टीम के साथ सांप का रेस्क्यू करने भगोरा गांव पहुंचे। जहां शिक्षक और ग्रामीण उन्हें टंकी के पास ले गए। तब रेस्क्यू टीम ने सांप को देखा और सकी पहचान रसेल वाइपर के रूप में की। टीम ने ग्रामीणों को बताया कि यह काफी जहरीला होता है और बिना जहरीले वाले सांप को खाकर रसेल वाइपर अब तक जिंदा रहा है। सुरक्षित पानी वाले इलाके में छोड़ा गया
इसके बाद टीम के धर्मेंद्र राजपूत सीढ़ी के सहारे टंकी में उतरकर सांप को सुरक्षित बाहर निकाला गया। रेस्क्यू टीम ने उसके पेट के घाव पर मरहम और हल्दी लगाकर अपने पास सुरक्षित रखा। ताकि दो-तीन दिन इसका और इलाज किया जा सके। लगातार इलाज करते हुए उसकी मानिटरिंग की जा रही थी। जिसके बाद वह पहले से स्वास्थ्य नजर आने पर उसे संबलुपरी रोड के घने जंगल में पानी वाली जगह पर उसे सुरक्षित छोड़ा गया। यहां देखे जाते हैं रसेल वाइपर एनिमल सेवा समिति के अध्यक्ष धर्मेंद्र राजपूत ने बताया कि रसेल वाइपर कोतरलिया, जुर्डा, पतरापाली, टारपाली, तिलगा-भगोरा और आसपास के क्षेत्र में अधिक पाए जाते हैं। अक्सर इस क्षेत्र से रसेल वाइपर सांप के लिए रेस्क्यू काॅल आता है। ठंड के समय ये सांप अधिक निकलते हैं। रसेल वाइपर अंडे नहीं बच्चे देते हैं धर्मेंद्र ने बताया कि रसेल वाइपर एशिया के सबसे जहरीले सांपो में से एक है। यह दूसरे सांपो की तरह अंडा नहीं, बल्कि सीधा बच्चों को जन्म देते हैं। इनके एक बार में 50-60 बच्चे होते हैं। रसेल वाइपर काफी जहरीला होता है और यह जहां काटता है, अगर तत्काल इलाज नहीं कराया गया, तो वह हिस्सा सड़ने लगता है।

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