दीपावली पर आज अलग-अलग लग्न में पूजा के लिए छह विशेष मुहूर्त हैं। जो दोपहर 3 बजकर 55 के बाद से शुरू हो जाएंगे। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, इस साल लक्ष्मी पूजन का सर्वश्रेष्ठ मुहूर्त वृषभ लग्न शाम 7 बजे के बाद लगेगा। यह समय धन और समृद्धि के लिए अत्यंत शुभ माना गया है। पंचांग के अनुसार, अमावस्या तिथि 20 अक्टूबर की दोपहर 3:55 बजे के बाद शुरू होगी। इसलिए लक्ष्मी पूजन का शुभ समय प्रदोषकाल यानी सूर्यास्त के लगभग 24 मिनट पहले से लेकर 24 मिनट बाद तक रहेगा। इस काल में पूजन करने से माता लक्ष्मी शीघ्र प्रसन्न होती हैं। वृषभ लग्न में पूजा से मां लक्ष्मी होंगी प्रसन्न ज्योतिषाचार्य पंडित पंकज शास्त्री ने बताया कि, वृषभ लग्न या कुम्भ लग्न में लक्ष्मी-गणेश पूजन करना सबसे शुभ होता है। वृषभ लग्न शाम 7:12 से 09:08 बजे तक रहेगा। इस दौरान लक्ष्मी, गणेश और कुबेर देव की आराधना करने से धन की वृद्धि और घर में स्थायी समृद्धि का योग बनता है। पत्रकारों के लिए मिथुन, अध्यात्म राह वालों के लिए मीन लग्न में पूजा बेहतर 1. मीन लग्न स्वामी ग्रह: बृहस्पति
लाभ: यह अत्यंत शुभ और सात्त्विक लग्न माना जाता है। इस समय पूजन करने से आध्यात्मिक उन्नति, मानसिक शांति, और धन-संतोष प्राप्त होता है। बृहस्पति की कृपा से घर में ज्ञान, धर्म और सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है। जिनका उद्देश्य पारिवारिक सुख और स्थायी धन-संपत्ति हो, उनके लिए श्रेष्ठ। 2. मेष लग्न स्वामी ग्रह: मंगल
लाभ: ऊर्जा, साहस और नई शुरुआत का प्रतीक। इस समय पूजा करने से नए व्यवसाय, निवेश, या करियर में सफलता मिलती है। विशेष रूप से उद्यमियों या व्यापार आरंभ करने वालों के लिए शुभ। लक्ष्मी जी से कार्य-सफलता और आत्मविश्वास में वृद्धि का आशीर्वाद मिलता है। 3. वृष लग्न स्वामी ग्रह: शुक्र
लाभ: यह लक्ष्मी पूजन का सर्वश्रेष्ठ लग्न माना गया है। शुक्र स्वयं ऐश्वर्य, सौंदर्य, धन और भोग-सुख के कारक हैं। इस समय पूजन करने से स्थायी धन, घर-गाड़ी और सुख-संपन्नता मिलती है। लक्ष्मी कृपा से धनवृद्धि और वैभव का योग बनता है। दीपावली के दिन यदि वृष लग्न में पूजन संभव हो, तो यही श्रेष्ठ समय है। 4. मिथुन लग्न स्वामी ग्रह: बुध
लाभ: बुद्धि, व्यापार, संचार और गणना के कारक। इस लग्न में पूजन से व्यापार में तेजी, धन के सही प्रबंधन और निर्णय क्षमता में वृद्धि होती है। पत्रकार, व्यापारी, शिक्षक, और तकनीकी पेशे वाले लोगों के लिए विशेष रूप से शुभ। 5. कर्क लग्न स्वामी ग्रह: चंद्रमा
लाभ: शांति, पारिवारिक सुख और भावनात्मक स्थिरता का प्रतीक। इस लग्न में पूजन करने से घर में सुख-शांति, प्रेम और मानसिक संतुलन बढ़ता है। जो लोग घर-परिवार की उन्नति और मानसिक सुख चाहते हैं, उनके लिए श्रेष्ठ समय। 6. सिंह लग्न स्वामी ग्रह: सूर्य
लाभ: प्रतिष्ठा, पद, सम्मान और नेतृत्व का सूचक। इस लग्न में पूजा करने से सरकारी क्षेत्र, पदोन्नति और मान-सम्मान में वृद्धि होती है। राजकीय कार्यों में सफलता और सामाजिक प्रतिष्ठा के लिए शुभ।
दीपावली पर लक्ष्मी पूजा के लिए छह विशेष मुहूर्त:श्रेष्ठ वृषभ लग्न शाम 7 के बाद लगेगा;ख्याति और यश के आधी रात करनी होगी पूजा


















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