नगरीय प्रशासन विकास विभाग अब स्मार्ट शहरी विकास की दिशा में एक बड़ा कदम उठाने जा रहा है। प्रदेश के सभी नगर पालिका और नगर पंचायतों का स्मार्ट मैप बनेगा, जिससे शहर की हर गली, मोहल्ला, सार्वजनिक संपत्ति और शहरी सेवाओं की जानकारी एक क्लिक पर उपलब्ध होगी। यह परियोजना नगर निगमों की तरह छोटे नगरीय निकायों को भी हाईटेक बनाएगी। यह प्रक्रिया जियो टैगिंग और जियोग्राफिक इंफॉर्मेशन सिस्टम (GIS) तकनीक के जरिये पूरी की जाएगी, जिससे शहरी नियोजन और प्रबंधन को नई दिशा मिलेगी। नगरीय प्रशासन विभाग ने पूरे प्रदेश के शहरी क्षेत्रों को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ने की दिशा में बड़ा निर्णय लिया है। इसके तहत सैटेलाइट आधारित सिस्टम के जरिए सभी नगर पालिका और नगर पंचायत क्षेत्रों की स्मार्ट मैपिंग की जाएगी। इसमें हर वार्ड, गली, सड़क, भवन, जल स्रोत, पार्क, नाली, सार्वजनिक भवन, और सरकारी परिसरों को शामिल किया जाएगा। इस स्मार्ट मैप की मदद से नागरिक न सिर्फ अपने क्षेत्र की जानकारी ऑनलाइन देख सकेंगे, बल्कि संपत्ति कर, जल कर, भवन अनुमति, सड़क और नाली मरम्मत जैसी सेवाओं की मॉनिटरिंग भी आसान हो जाएगी। इससे प्रशासन को योजना निर्माण और क्रियान्वयन में मदद मिलेगी, वहीं नागरिकों को शिकायतों के त्वरित समाधान का लाभ मिलेगा। स्मार्ट मैप से क्या होंगे फायदे…वो सबकुछ जो आप जानना चाहते हैं… ई-गवर्नेंस को बढ़ावा: डिजिटल प्लेटफॉर्म के
माध्यम से नागरिक सेवाएं जैसे टैक्स भुगतान, नक्शा स्वीकृति आदि को ऑनलाइन और पारदर्शी बनाया जा सकेगा। शहर की पूरी तस्वीर मोबाइल पर मिलेगी
इस परियोजना के पूर्ण होते ही हर नागरिक अपने स्मार्टफोन या कंप्यूटर पर शहर की डिजिटल तस्वीर देख सकेगा। वे जान सकेंगे कि उनकी गली का नक्शा क्या है, कौन-कौन सी सरकारी सुविधाएं नजदीक हैं, उनकी संपत्ति या जल कर की स्थिति क्या है, और कौन-सी सड़क कब मरम्मत होनी है। अब छोटे शहर भी डिजिटल हो जाएंगे
प्रदेश के सभी निकायों का स्मार्ट मैप बनेगा। इस दिशा में काम शुरू हो चुका है। इससे शहरवासियों को ही सुविधाएं मिलेंगी। उन्हें मोबाइल पर अपने शहर की पूरी जानकारी मिलेगी। पहले बड़े शहरांे में यह सुविधा थी, अब छोटे शहर भी डिजिटल होंगे।
राकेश जायसवाल, संयुक्त संचालक, नगरीय प्रशासन
शहरों का स्मार्ट मैप…:अब गली-मोहल्लों व सार्वजनिक संपत्ति की जानकारी मिलेगी

















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