छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में दिवाली के बाद अब छठ पूजा की धूम रहेगी। इसके लिए आयोजन समिति ने तैयारियां शुरू कर दी है। यहां देश के सबसे बड़े छठघाट में एक साथ 50 हजार से अधिक लोग सूर्य को अर्घ्य देंगे। इस बार यह पर्व 25 नवंबर से शुरू होकर 28 नवंबर तक चलेगा। दरअसल, बिहार, झारखंड और उत्तरप्रदेश में छठ पर्व ज्यादा मनाया जाता है, लेकिन पिछले एक दशक से छत्तीसगढ़ में भी उत्साह देखा जा रहा है। शहर में बसे पूर्वांचल के लोगों के साथ ही स्थानीय लोग भी इसे मनाने लगे हैं। दरअसल बिलासपुर का घाट 7 एकड़ में फैला है, इतना बड़ा घाट देश में और कही नहीं है। पहले ये तीन तस्वीरें देखिए… नहाय खाय के साथ 25 अक्टूबर से पर्व की शुरुआत शहर में छठ पूजा आयोजन समिति के अध्यक्ष प्रवीण झा समेत पदाधिकारी अरपा नदी के तट पर बने छठघाट की साफ-सफाई और रंग-रोगन के काम में जुट गए हैं। समिति के पदाधिकारियों ने महापर्व के सफल आयोजन के लिए तैयारियों का निरीक्षण कर सभी को जिम्मेदारियां सौंपी है। 7 एकड़ में बना छठघाट, 50 हजार श्रद्धालु होंगे शामिल पर्व मनाने घाटों, नदी या तालाब के घाटों का विशेष महत्व है। यहां डूबते और फिर उगते सूर्य को अर्घ्य देते हुए छठी मैया की पूजा-अर्चना की जाती है। छठ पूजा के लिए बिहार में सैकड़ों घाट हैं। बिलासपुर जैसा स्थायी और बड़ा घाट तो पर्व के उद्गम स्थल बिहार में भी नहीं है। छठ मुख्य रूप से बिहार प्रांत का पर्व है। बिलासपुर के तोरवा स्थित छठ घाट साढ़े 7 एकड़ में फैला हुआ है। यहां एक किलोमीटर एरिया में पूजा और अर्घ्य के लिए बेदी बनाई जाती है। जिसमें 50 हजार से अधिक श्रद्धालु एक साथ सूर्य देव को अर्घ्य दे सकते हैं। दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के बाद 25 ट्रक निकला मलबा शहर सहित आसपास के क्षेत्रों की दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन के लिए छठघाट में व्यवस्था की गई थी। नदी को गंदा होने से बचाने के लिए यहां कोई अलग से इंतजाम नहीं किया गया था। लोगों ने मनमाने तरीके से नदी में घाट के पास ही प्रतिमा विसर्जन कर दिया, जिससे वहां गंदगी का अंबार लग गया है। जगह-जगह फैली गंदगी से नदी का जल भी प्रदूषित हो रहा है। प्रतिमाओं के विसर्जन के बाद स्थिति और बदहाल हो गई है। कहीं लकड़ी के टुकड़े, बांस की बल्लियां, मिट्टी के टूटे हुए बर्तन, पानी में भीगे रंग-बिरंगी कागज, प्लास्टिक की थैलियां, मां की प्रतिमाओं पर चढ़ाई गई लाल और हरे रंग की चुनरी पड़ी हुई हैं। आयोजन समिति ने नगर निगम की मदद से घाट से 25 ट्रक मलबा निकलवाया है। अरपा नदी के तट पर बना छठ पूजा कार्यालय दुर्गा पूजा के बाद अब बिलासपुर में छठ महापर्व की तैयारी जोरों से चल रही है। यहां तोरवा स्थित छठ घाट में छठ पूजा कार्यालय बनाया गया है, जहां समिति के पदाधिकारी और सदस्य घाट पर व्यवस्था बनाने के लिए जुटे हुए हैं। ………………………….. इससे जुड़ी खबर भी पढ़े… देश के सबसे बड़े छठघाट का ड्रोन VIDEO:बिलासपुर में अरपा किनारे उमड़ी भीड़, उगते सूर्य को अर्घ्य देकर तोड़ा 36 घंटे का व्रत देश के सबसे बड़े छठ घाट बिलासपुर के अरपा नदी के तट पर शुक्रवार को छठ महापर्व पर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। गुरुवार की शाम और शुक्रवार की सुबह व्रती महिलाओं के साथ पुरुषों ने भी उगते सूर्य को अर्घ्य देकर छठ पर्व मनाया। पढ़ें पूरी खबर…
छत्तीसगढ़ में देश का सबसे बड़ा स्थायी छठघाट:बिलासपुर में 50 हजार से ज्यादा श्रद्धालु जुटेंगे, सज रहा घाट; 25 ट्रक मलबा हटाया गया


















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