महानदी मंत्रालय भवन में प्रवेश की पूरी व्यवस्था बदली:मंत्रालय में कर्मियों को पीला और विजिटर को मिलेगा सफेद कार्ड

नवा रायपुर में महानदी मंत्रालय भवन में प्रवेश की पूरी व्यवस्था बदल गई है। अब आरएफआईडी क्यूआर और होलोग्राम वाले परिचय पत्र जारी किए जाएंगे। अधिकारियों-कर्मचारियों और सरकारी कामकाज के लिए मंत्रालय आने-जाने वालों को इसे पहनना होगा। गैर सरकारी लोगों व पत्रकारों के लिए सफेद कार्ड बनाए जाएंगे। फरियादियों के लिए पूर्व की तरह की पास से प्रवेश की व्यवस्था जारी रहेगी। मंत्रालय में रोजमर्रा के कामों को लेकर सभी तरह के लगभग 5 हजार प्रशासनिक अधिकारियों-कर्मचारियों व फरियादियों को आना पड़ता है। सभी अधिकारियों-कर्मचारियों के कार्ड और फीते के रंग अलग होंगे। आईडी कार्ड के साथ फीते में छत्तीसगढ़ शासन का लोगो रहेगा। गैर सरकारी कर्मचारियों के लिए अस्थायी प्रवेश पत्र में छत्तीसगढ़ शासन का लोगो व सामान्य प्रशासन विभाग लिखा नहीं होगा। यह केवल मंत्रालय में प्रवेश के लिए मान्य होगा। केंद्रीय व राज्य वेतनमान के अनुसार भी कार्ड व फीते का रंग तय किया गया है। प्रक्रिया: आईडी के लिए ऐसे करें आवेदन इसके लिए आईडी कार्ड पोर्टल बनाया है। इस पर ऑनलाइन आवेदन करना होगा। जीएडी की वेबसाइट पर यूआरएल आईडी – https//gad.cg.gov.in/id-card/ पर आवेदन किया जा सकेगा। इसके लिए नोडल विभाग तय किए गए हैं। आवेदन अपलोड कर रसीद विभागाध्यक्ष के जरिए विभागीय सचिव को ई-ऑफिस के माध्यम से भेजी जाएगी। सचिव के माध्यम से कार्ड जारी करने के लिए जीएडी को भेजा जाएगा। इसके बाद परिचय पत्र बनेगा। ओरिएंटेशन प्रोग्राम भी हो: बेहार पूर्व ब्यूरोक्रेट चंद्रहास बेहार ने कहा कि क्यूआर कोड वाले होलोग्राम कार्ड जारी करना ठीक है। इसमें यह भी स्पष्ट होना चाहिए कि पूर्व सीएम, सांसद, विधायक के मंत्रालय में प्रवेश की क्या व्यवस्था होगी? कार्ड की कैटेगरी से अफसरों, कर्मचारियों, यूनियन लीडरों व अन्य गैर सरकारी लोगों में असंतोष नहीं हो इसे देखना चाहिए। समय-समय पर ओरिएंटेशन प्रोग्राम कर कर्मचारियों को रूल्स ऑफ बिजनेस की जानकारी दी जाए। उपस्थिति के लिए बायोमेट्रिक सिस्टम ठीक है। पांच साल के लिए जारी होंगे कार्ड भारतीय प्रशासनिक सेवा, राज्य प्रशासनिक सेवा एवं सचिवालय सेवा से सेवानिवृत अधिकारियों-कर्मचारियों के लिए भी पांच साल के लिए कार्ड जारी होगा, लेकिन इसमें भी छत्तीसगढ़ शासन का लोगो व सामान्य प्रशासन विभाग लिखा नहीं होगा। पत्रकारों के अधिमान्यता कार्ड होने या न होने पर भी जनसंपर्क विभाग को एक साल के लिए कार्ड जारी करने का अधिकार दिया गया है। जीएडी के उप सचिव शैलाभ कुमार साहू ने नए सिस्टम पर अमल करने के निर्देश दिए हैं।

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