देश के 100 स्मार्ट शहरों का कार्यकाल 31 मार्च 2025 को समाप्त हो चुका है। इसके साथ ही केंद्र सरकार ने फंड देना भी बंद कर दिया है। स्मार्ट सिटी मिशन के तहत अब आगे का पूरा संचालन और फंडिंग राज्य सरकारों को करनी होगी। केंद्र सरकार ने इस संबंध में सभी 100 स्मार्ट सिटी के सीईओ को एडवाइजरी जारी की है, जिसमें कहा गया है कि स्मार्ट सिटी के ढांचे में काम जारी रहेंगे, लेकिन 100% खर्च अब राज्य सरकारें उठाएंगी। अब तक केंद्र और राज्य मिलकर 50-50 प्रतिशत हिस्सेदारी से बजट देते थे। अब स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट्स को डीएमएफ, सीएसआर और राज्य सरकार के बजट से पूरा किया जाएगा। 2015 में शुरू हुए इस मिशन के तहत देश के 100 शहरों में 8000 प्रोजेक्ट्स को मंजूरी मिली थी, जिनमें से 7,500 यानी 93% प्रोजेक्ट्स पूरे हो चुके हैं। मंत्रालय के अनुसार, मिशन का 99.44% बजट खर्च हो चुका है, यानी अब तक 48,000 करोड़ रुपए जारी किए जा चुके हैं। प्रोजेक्ट्स में स्मार्ट रोड, एलईडी स्ट्रीट लाइट, कमांड कंट्रोल रूम, वाई-फाई जोन, ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम जैसे काम शामिल थे। अब नए प्रोजेक्ट्स की प्लानिंग और फंडिंग राज्यों को करनी होगी। रायपुर में 342 में से 10 प्रोजेक्ट अधूरे रायपुर में स्मार्ट सिटी योजना के अंतर्गत कुल 342 प्रोजेक्ट को मंजूरी मिली थी। इनमें से 332 पूरे कर लिए गए हैं, जबकि 10 प्रोजेक्ट अब भी अधूरे हैं। इसके तहत आईटी इन्फ्रास्ट्रक्चर, स्मार्ट वॉटर मैनेजमेंट सिस्टम, गंदे पानी को साफ कर तालाब में छोड़ने के लिए बनाए जा रहे तीन एसटीपी प्लांट, 24 घंटे घरों में पानी सप्लाई करने की योजना, ऑक्सीजोन सहित शहर के 12 गार्डन को संवारने का काम अधूरा है। रायपुर के लिए कुल 1733.94 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए थे, जिसमें अब तक 1608.31 करोड़ रुपए खर्च किए जा चुके हैं। 125.6 करोड़ रुपए बचे हैं। बिलासपुर में 106 में से 8 प्रोजेक्ट अधूरे बिलासपुर स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के 106 में से 8 प्रोजेक्ट अधूरे हैं, 98 कार्य पूरे हो चुके हैं। अधूरे कार्यों में ऑटोमेटेड शटल टाइप कार पार्किंग, कन्वेंशनल सेंटर, अरपा के पास 10 एमएलडी एसटीपी, कोनी में सड़क और नाली निर्माण, अरपा किनारे मंगला में सड़क और नाली निर्माण, अरपा किनारे एसटीपी 6 एमएलडी, मिनीमाता तालाब का सौंदर्यीकरण और अरपा में सीवर आउट फाल का काम बाकी है। इसके लिए कुल 857.50 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए थे। अब तक 767.26 करोड़ रुपए खर्च किए जा चुके हैं। 90.24 करोड़ रुपए बचे हैं। देश के 100 स्मार्ट शहरों का कार्यकाल 31 मार्च 2025 को पूरा हो चुका है, इसके आगे के संचालन को लेकर एडवाइजरी जारी की गई है। चाहे तो राज्य सरकार इसका संचालन कर सकती है, लेकिन केंद्र से फंड नहीं मिलेगा। राज्यों को ही 100% फंड उपलब्ध कराना होेगा। – तोखन साहू, केंद्रीय राज्यमंत्री
स्मार्ट शहरों का भविष्य अब राज्य सरकारों के हाथ में, 100 शहरों में 93% काम पूरे; रायपुर के 10 और बिलासपुर के 8 प्रोजेक्ट अधूरे

















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