छत्तीसगढ़ के भिलाई में स्वच्छता की नई पहल शुरू होने जा रही है। भिलाई नगर निगम के 70 पार्षदों ने इंदौर का दौरा किया। उन्होंने वहां की स्वच्छता व्यवस्था का अध्ययन किया। शनिवार को पार्षदों की टीम भिलाई लौट आई। महापौर नीरज पाल के अनुसार, इंदौर की सफलता का मुख्य कारण डोर-टू-डोर कचरा संग्रह और नागरिकों की भागीदारी है। इंदौर में कचरा वाहन निश्चित समय और मार्ग पर चलते हैं। आईसीसीसी कंट्रोल रूम से वाहनों की निगरानी होती है। इससे पूरे शहर में एक समान सफाई व्यवस्था बनी रहती है। इंदौर के अधिकतर घरों में लोग खुद खाद बनाते हैं। वे कचरे को छह श्रेणियों में बांटकर निगम की गाड़ियों में डालते हैं। इससे गीले और सूखे कचरे का प्रबंधन आसान होता है। भिलाई में भी ऐसी ही व्यवस्था लागू होगी। सबसे पहले नागरिकों को जागरूक किया जाएगा। हर घर को गीला और सूखा कचरा अलग करना होगा। होम कम्पोस्टिंग को प्रोत्साहन दिया जाएगा। निगम का लक्ष्य है कि इंदौर की तरह भिलाई में भी स्वच्छता का नया मानक स्थापित हो। जल्द ही डोर-टू-डोर कचरा संग्रह की आधुनिक व्यवस्था शुरू होगी। निगम स्वच्छ सर्वेक्षण में बेहतर स्थान पाने की दिशा में काम करेगा।
भिलाई में स्वच्छता का नया मॉडल:इंदौर की तर्ज पर डोर-टू-डोर कचरा संग्रह और होम कम्पोस्टिंग की तैयारी, 70 पार्षद गए थे MP

















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