भास्कर न्यूज | राजनांदगांव मुनि विनय कुशल के शिष्य जैन मुनि वीरभद्र (विराग) ने कहा कि आज तलाक और पारिवारिक विवाद बढ़ने की वजह यह है कि लड़की देखते समय बाप दमड़ी देखता है और बेटा चमड़ी। गुण, धर्म और परिवार अब पीछे छूट गए हैं। अब केवल चमड़ी और दमड़ी का खेल चल रहा है। जैन बगीचा स्थित उपाश्रय भवन में अपने प्रवचन में मुनि ने कहा कि स्थितियां तेजी से बदल रही हैं। जो लगातार बदलता है, वही संसार है। जब तक व्यक्ति नहीं बदलेगा, उसकी सोच नहीं बदलेगी, तब तक समाज आगे नहीं बढ़ेगा। व्यक्ति के दुख का कारण संतान है। बच्चा बड़ा होता है तो उसकी शिक्षा, स्वास्थ्य को लेकर चिंता रहती है। संतान ठीक निकली तो ठीक, नहीं तो दुख ही दुख। बहू ठीक निकली तो ठीक, नहीं तो दुख ही दुख। आज हर व्यक्ति डरा हुआ है और बहुत सतर्क रहता है। मुनि श्री ने सोनम गुप्ता और नीले ड्रम की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि समाज के पतन का कारण मोबाइल और टीवी का दुरुपयोग है। हम बच्चों को स्वच्छंद छोड़ देते हैं। उनके हाथ में मोबाइल थमा देते हैं। शादी के समय परिवार और संस्कार नहीं देखते। यही वजह है कि वृद्धाश्रमों में बुजुर्गों की संख्या बढ़ी है और कोर्ट में तलाक के मामले भी। जब तक मोक्ष लक्ष्य नहीं बनेगा जीवन सार्थक नहीं हो पाएगा मुनि श्री ने कहा कि 50 साल पहले न मोबाइल था, न वृद्धाश्रम। टीवी और मोबाइल के गलत इस्तेमाल ने संस्कृति को नुकसान पहुंचाया है। रुचि और अपेक्षाएं संसार की हैं। जब तक मोक्ष लक्ष्य नहीं बनेगा, जीवन सार्थक नहीं होगा। परंपराओं से जो थोड़ा बहुत ज्ञान मिला है, उसमें भी रस है। उसी का लाभ लेकर आत्म साधना करें और मोक्ष मार्ग पर आगे बढ़ें। मुनि श्री ने कहा कि संसार बदलता रहता है। आज जो है, वह कल नहीं रहेगा। लेकिन शिक्षा, चिकित्सा और पके हुए खाने की जरूरत हमेशा बनी रहेगी। चाहे जितनी भी संपत्ति बना लें, एक दिन सब यहीं छोड़कर जाना होगा।
समाज के पतन का कारण मोबाइल और टेलीविजन का दुरुपयोग है: मुनि वीरभद्र

















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