झोलाछाप-डॉक्टरों के पाइल्स के इलाज ने ली शख्स की जान:नस कटने से हुई ब्लीडिंग, फिर बंद कमरे में छोड़कर भागे, 30 हजार लिए थे

छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिला मुख्यालय से महज 4 किलोमीटर दूर पेंड्रा गांव में झोलाछाप डॉक्टरों की लापरवाही के कारण एक 40 वर्षीय शख्स की मौत हो गई। इलाज के दौरान मलद्वार का नस कटने से उसकी जान चली गई। पाइल्स की शिकायत पर ओडिशा सीमा के दो झोलाछाप डॉक्टर बबलू तांडी और संजू राजपूत उसका इलाज कर रहे थे। यह मामला सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र का है। जानकारी के मुताबिक, इलाज के नाम पर पुरुषोत्तम ध्रुव को घर के बंद कमरे में इंजेक्शन लगाया गया और कुछ ही घंटों में उसकी हालत बिगड़ गई। 24 अगस्त को इलाज के दौरान ही उसकी मौत हो गई। दोनों झोलाछाप डॉक्टरों ने इलाज के लिए 30 हजार रुपए लिए थे। अस्पताल में इलाज कराने झिझक रहा था मृतक के भाई धरमराज ध्रुव ने बताया कि पुरुषोत्तम को पाइल्स की परेशानी थी और वह अस्पताल जाकर इलाज कराने से झिझक कर रहा था। ऐसे में पंपलेट के जरिए संपर्क में आए दोनों झोलाछाप डॉक्टरों ने इलाज का भरोसा दिलाया। 20 अगस्त से इलाज शुरू हुआ, जिसकी कीमत 30 हजार रुपए तय की गई। शुरुआती दो दिन में 20 हजार रुपए नकद ले भी लिए गए थे। 23 अगस्त को जब एक बार फिर इलाज किया जा रहा था, तब दोनों डॉक्टरों ने परिजनों को कमरे से बाहर निकाल दिया और कहा कि इंजेक्शन लगाया गया है, मरीज आराम कर रहा है। इसके बाद उन्होंने बाकी 10 हजार की मांग की और फिर चुपचाप भाग निकले। खून से लथपथ मिला शव डॉक्टरों के भागने पर पुरुषोत्तम की बेटी लालिमा को शक हुआ। जब वह कमरे में गई, तो पिता को खून से लथपथ हालत में तड़पता देखा। परिजन उसे फौरन जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। लापरवाही से हुई मौत जिला अस्पताल के अटेंडिंग डॉक्टर हरीश चौहान ने बताया कि मलद्वार (गुदा) के पास बिना किसी चिकित्सा सावधानी के चीराघात किया गया था। नस कटने के कारण अत्यधिक रक्तस्राव हुआ, जिससे पीड़ित की मौत हो गई। आदिवासी समाज में आक्रोश, मुआवजा और FIR की मांग घटना के बाद आदिवासी विकास परिषद और जिला पंचायत सदस्य संजय नेताम पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे। परिषद के प्रतिनिधियों उमेंदी कोर्राम और लोकेश्वरी नेताम ने इसे गंभीर लापरवाही बताते हुए दोषियों पर कड़ी कार्रवाई और पीड़ित परिवार को 50 लाख रुपए मुआवजा देने की मांग की है। पुलिस जांच जारी, पीएम रिपोर्ट का इंतजार एडिशनल एसपी जितेंद्र चंद्राकर ने बताया कि मामले में सिटी कोतवाली थाना में मर्ग कायम कर लिया गया है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद पूरे मामले की जांच कर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। ……………………………. इससे जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… छत्तीसगढ़ में दर्द का इंजेक्शन लगाने से हॉस्टल-वार्डन की मौत:मेडिकल स्टोर संचालक ने किया पाइल्स का इलाज; हाथ-पैर सूजे, शरीर पड़ा सुन्न छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में गलत इलाज से महिला की जान चली गई। हॉस्टल अधीक्षिका गायत्री मिंज पाइल्स की बीमारी से पीड़ित थीं। इलाज के लिए वे अपने पति के साथ शंकरगढ़ के लक्ष्मी मेडिकल स्टोर पहुंचीं। यहां मेडिकल संचालक अशोक बंगाली ने महिला को दर्द का इंजेक्शन लगाया। पढ़ें पूरी खबर…

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