छत्तीसगढ़ के गौरेला पेंड्रा मरवाही जिले में एक अनोखी आस्था देखने को मिल रही है। ग्राम जिल्दा और सैला के बीच स्थित बेलनटोला में लोग एक रोड रोलर के चक्के की पूजा करते हैं। करीब 60-70 साल पहले सड़क निर्माण के दौरान यह चक्का निकलकर खेत में चला गया था। निर्माण कंपनी के कर्मचारियों ने इसे निकालने की कई कोशिशें कीं। लेकिन चक्का और अधिक धंसता गया। इसके बाद ग्रामीणों ने इसे चमत्कार मान लिया। स्थानीय लोगों का कहना है कि पूजा-पाठ के बाद जब चक्के को हटाने की कोशिश की गई, तो यह हिलने लगा। इस घटना के बाद से लोगों की आस्था जुड़ गई। अब दूर-दूर से लोग यहां पूजा करने आते हैं। माता की पूजा के बाद चक्के की पूजा चक्के के पास ही मातिन दाई का मंदिर है। लोग मंदिर में पूजा करने के बाद चक्के की भी पूजा करते हैं। खेत के चबूतरे पर रखे इस चक्के पर ‘जय माता दी’ का झंडा लगा है। स्थानीय भाषा में रोड रोलर को बेलन कहा जाता है। इसी कारण इस मोहल्ले का नाम बेलनटोला पड़ा। आज भी लोग इस बेलन के चक्के का सच्ची श्रद्धा भाव से पूजा अर्चना करते हैं पूजने से पत्थर में भी भगवान मिलता है इस चक्के का पूजा को देखकर तो ऐसा ही लगता है कि ग्रामीण अब इसे अपनी आस्था मान चुके हैं।
रोड रोलर के चक्के को भगवान मानते हैं ग्रामीण:60 साल पहले खेत में धंसा था, चमत्कार मानकर करते हैं पूजा-पाठ

















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