छत्तीसगढ़ में आज 14 जिलों में बारिश का यलो अलर्ट जारी किया गया है। रायपुर, दुर्ग ,बिलासपुर, सरगुजा, जशपुर, कोरबा, रायगढ़, जांजगीर-चांपा, बलौदाबाजार, महासमुंद, बीजापुर, नारायणपुर, कोंडागांव और बस्तर, इन जिलों में मध्यम बारिश होने की संभावना है। प्रदेश के अधिकांश जिलों में आज बादल छाए हुए हैं। उत्तरी छत्तीसगढ़ और लगे हुए झारखंड के ऊपर बना अवदाब अगले 24 घंटे के दौरान आगे बढ़ते हुए पश्चिम को चला जाएगा। इसकी वजह से प्रदेश में 26 जुलाई के मुकाबले आज बारिश की गतिविधियां कम रहेंगी। शनिवार को दुर्ग जिले में नाले में बहे युवक राकेश बंजारे का अब तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है। SDRF के कमान्डेंड नागेंद्र सिंह ने बताया कि नाले में तेज बहाव की वजह से सर्च अभियान में दिक्कत हो रही है। SDRF ने सर्चिंग अभियान रोक दिया है। युवक के बचने की संभावना कम है। वाटरफॉल से नीचे गिरा युवक वहीं बलौदाबाजार जिले के धसगुड़ जलप्रपात पर एक युवक 40 फीट ऊंचाई से नीचे गिर गया। हादसे में उसके शरीर की चार हड्डियां टूट गईं। 26 जुलाई को निखिल साहू (18 साल) अपने दोस्तों के साथ घूमने पहुंचा था, तभी नहाने के दौरान घटना हुई। इसका लाइव वीडियो भी सामने आया है। बताया जा रहा है सभी दोस्त मस्ती कर रहे थे। तभी निखिल रील बनाने के लिए टॉप में चढ़कर छलांग लगाने वाला था। इस दौरान बैलेंस बिगड़ने से वह सीधे नीचे गिर गया। उसके पसली में सबसे ज्यादा चोट आई है। अब ये तस्वीरें देखिए… दुर्ग जिले में 3 को बचाने के चक्कर में बहा युवक दुर्ग जिले में लगातार बारिश हो रही है। नदी-नाले उफान पर हैं। कुम्हारी थाना क्षेत्र के रामपुर चोरहा नाला में 35 वर्षीय राकेश बंजारे बह गया। बताया जा रहा है कि बाढ़ में फंसे 3 लोगों को बचाने के लिए नाले में कूदा था, लेकिन वह बह गया। पेंटिंग का काम करता था। पेंड्रा के धनौली गांव में नदी के बाढ़ का पानी घरों-दुकानों में घुस गया है। सड़क पर घुटने तक पानी बह रहा है। वहीं कोरबा के सोन नदी में बहे युवक का शव 48 घंटे बाद बरामद कर लिया गया है। दोस्तों संग घूमने गया राजेश एनीकट में बह गया था। वहीं बिलासपुर में हरेली के दिन शिव मंदिर से लौटते वक्त कार नाले के बाढ़ में बह गई। कार में 9 लोग सवार थे। 8 लोग किसी तरह तैर कर बाहर निकले, लेकिन 3 साल का बच्चा तेज बहाव में कार के साथ बह गया, जिसका शव बरामद हुआ है। स्टॉप-डैम का रिटर्निंग वॉल बहा रायगढ़ में भारी बारिश से कुरकुट नदी पर बने स्टॉप डैम का रिटर्निंग वॉल बह गया। रिटर्निंग वॉल टूटने से घरघोड़ा के कारीछापर से घरघोड़ी सहित 4 गांव का संपर्क टूट गया। अब कारीछापर आने 5 किलोमीटर के सफर के लिए लोगों को 30 किमी घूम कर आना पड़ेगा। इसके अलावा लैलूंगा ब्लॉक के ग्राम पंचायत चिराईखार में पुलिया बह गई। जिससे चिराईखार से कोल्हियापारा, मनिहार पारा, भदरापारा का संपर्क टूट गया है। ग्रामीणों के आने-जाने का यह एकमात्र रास्ता था। प्रदेश में 543 मिलीमीटर पानी बरसा छत्तीसगढ़ में 1 जून से अब तक 543.4 मि.मी. औसत वर्षा हो चुकी है। अब तक बलरामपुर जिले में सबसे ज्यादा 917.5 मिमी वर्षा हुई है। बेमेतरा जिले में सबसे कम 294.2 मिमी पानी गिरा है। लंबा रह सकता है मानसून मानसून के केरल पहुंचने की सामान्य तारीख 1 जून है। इस साल 8 दिन पहले यानी 24 मई को ही केरल पहुंच गया था। मानसून के लौटने की सामान्य तारीख 15 अक्टूबर है। अगर इस साल अपने नियमित समय पर ही लौटता है तो मानसून की अवधि 145 दिन रहेगी। इस बीच मानसून ब्रेक की स्थिति ना हो तो जल्दी आने का फायदा मिलता सकता है। जानिए इसलिए गिरती है बिजली दरअसल, आसमान में विपरीत एनर्जी के बादल हवा से उमड़ते-घुमड़ते रहते हैं। ये विपरीत दिशा में जाते हुए आपस में टकराते हैं। इससे होने वाले घर्षण से बिजली पैदा होती है और वह धरती पर गिरती है। आकाशीय बिजली पृथ्वी पर पहुंचने के बाद ऐसे माध्यम को तलाशती है जहां से वह गुजर सके। अगर यह आकाशीय बिजली, बिजली के खंभों के संपर्क में आती है तो वह उसके लिए कंडक्टर (संचालक) का काम करता है, लेकिन उस समय कोई व्यक्ति इसकी परिधि में आ जाता है तो वह उस चार्ज के लिए सबसे बढ़िया कंडक्टर का काम करता है। जयपुर में आमेर महल के वॉच टावर पर हुए हादसे में भी कुछ ऐसा ही हुआ। आकाशीय बिजली से जुड़े कुछ तथ्य जो आपके लिए जानना जरूरी आकाशीय बिजली से जुड़े मिथ
प्रदेश के 14 जिलों में बारिश का अलर्ट:रायपुर-बिलासपुर की कॉलोनियों में भरा पानी; नाले में बहे युवक का अब तक कोई सुराग नहीं

















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