रायपुर में PM मोदी के साथ फोटो खिंचवा सकेंगे पर्यटक:प्रधानमंत्री-संग्रहालय की तर्ज पर बना आदिवासी-संग्रहालय; VFX तकनीकी का सेटअप, QR कोड से मिलेगी फोटो

छत्तीसगढ़ प्रदेश में यदि आप प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ फोटो खिंचवाना चाहते है तो वो अब संभव है। नया रायपुर में 50 करोड़ की लागत से हाइटेक संग्रहालय बना है। जहां आने वाले पर्यटक पीएम नरेंद्र मोदी और शहीद वीरनारायण सिंह के साथ वर्चुअल फोटो खिंचवा सकेंगे। प्रदेश में पहली बार VFX तकनीकी का इस्तेमाल किया गया है। इस तकनीकी की मदद से PM के साथ वर्चुअली फोटो खिंचवाना संभव हो पाएगा। 1 नवंबर के बाद आम जनता के लिए यह सेवा शुरू हो जाएगी। प्रधानमंत्री संग्रहालय की तर्ज पर बना दरअसल यह आदिवासी संग्रहालय तकनीकी के मामले में प्रधानमंत्री संग्रहालय की तर्ज पर बना है। इस संग्रहालय में आने वाले पर्यटक अपनी फोटो पीएम के साथ वर्चुअल खिंचवा सकेंगे। पीएम के साथ यादगार पलों को कैद कर सकेंगे। रजत जयंती समारोह के अवसर पर पीएम नरेंद्र मोदी छत्तीसगढ़ आ रहे है। 1 नवंबर को वे इस संग्रहालय का उद्घाटन करेंगे। थ्री-डी डिजिटल इमेज सेटअप संग्रहालय प्रबंधन ने इसके लिए VFX तकनीक आधारित फोटो बूथ तैयार कराया है। इसमें प्रधानमंत्री मोदी का थ्री-डी डिजिटल इमेज सेटअप रहेगा, जिसके साथ खड़े होकर पर्यटक फोटो क्लिक करा सकेंगे। तस्वीर लेने के बाद उन्हें एक क्यूआर कोड मिलेगा, जिससे वे मोबाइल या लैपटॉप में अपनी फोटो डाउनलोड कर सकेंगे। अधिकारियों के मुताबिक, यह सुविधा संग्रहालय के उद्घाटन के बाद आम लोगों के लिए शुरू की जाएगी। यह व्यवस्था न केवल पर्यटकों को आकर्षित करेगी बल्कि युवाओं में आधुनिक तकनीक के माध्यम से संस्कृति और विरासत के प्रति रुचि भी बढ़ाएगी। राज्यपाल रमेन डेका ने खिंचवाई पहली फोटो आदिवासी संग्रहालय में VFX तकनीक आधारित फोटो बूथ प्रदेश के राजनैतिक और प्रशासनिक गलियारे में भी चर्चा का विषय है। प्रदेश के राज्यपाल रमेन डेका ने इस बूथ में पहुंचकर अपनी फोटो खिंचवाई है। ये फोटो सार्वजनिक भी हुई है। राज्यपाल के अलावा चार प्रशासनिक अधिकारियों ने अपनी फोटो खिंचवाई है, लेकिन उसको साझा नहीं किया गया है। धरोहर दिखेंगी जीवंत रूप में संग्रहालय में यह सेटअप तैयार करने के पीछे उद्देश्य है कि लोग आदिवासी संस्कृति, परंपरा और प्रधानमंत्री मोदी के ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ के संदेश से जुड़ सकें। इसके साथ ही यहां VFX और ऑगमेंटेड रियलिटी तकनीक के जरिए आदिवासी जीवनशैली, नृत्य, संगीत और ऐतिहासिक धरोहरों को भी जीवंत रूप में प्रस्तुत किया जाएगा। पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा राज्य संस्कृति विभाग के अधिकारियों ने बताया कि संग्रहालय का यह नया स्वरूप पर्यटन को बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभाएगा। यहां आने वाले पर्यटक न केवल आदिवासी समाज की समृद्ध परंपराओं से परिचित होंगे बल्कि डिजिटल अनुभव के माध्यम से आधुनिक भारत की तकनीकी प्रगति का भी अनुभव कर सकेंगे। उद्घाटन के बाद यह संग्रहालय रायपुर का नया आकर्षण बन जाएगा, जहां लोग संस्कृति, कला और तकनीक तीनों का संगम देख पाएंगे। हाईटेक प्रोजेक्शन मैपिंग सिस्टम लगा म्यूजियम में रायपुर के ट्राइबल फ्रीडम फाइटर म्यूजियम की डिजिटल गैलरी में हाईटेक प्रोजेक्शन मैपिंग सिस्टम विकसित किया गया है, जो चल-चित्रण और लिखावट के माध्यम से आदिवासी विद्रोहों की तिथि और स्थान को आकर्षक रूप में प्रदर्शित करता है। गैलरी क्रमांक-17 में डिजिटलीकरण की झलक स्पष्ट दिखी। राज्योत्सव दिवस (1 नवंबर) से पहले टेक्नीशियंस म्यूजियम को अंतिम रूप देने में जुटे हैं। गैलरी की दीवारों पर लगे डिजिटल डिस्प्ले बोर्ड अंग्रेजी शासन के खिलाफ हुई आदिवासी क्रांतियों को क्रमबद्ध तरीके से प्रदर्शित कर रहे हैं। अब पढ़े क्या है VFX तकनीक VFX एक कम्प्यूटर सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी है, जिसका सबसे ज्यादा इस्तेमाल फिल्मों और गेमिंग में किया जाता है। इसने फिल्म मेकिंग और एक्टिंग के तौर तरीकों को पूरी तरह से बदल दिया है। VFX एक ऐसा सॉफ्टवेयर है, जिससे एक फिल्म मेकर वो विजुअल क्रिएट कर सकते है जिन्हें रियल वर्ल्ड में क्रिएट करना असंभव है। VFX बनाने में Maya, Flame जैसे सॉफ्टवेयर इस्तेमाल किए जाते हैं। …………………….. इससे जुड़ी खबर भी पढ़ें… देश के पहले डिजिटल ट्राइबल म्यूजियम की झलक..VIDEO:14 आदिवासी विद्रोह-सत्याग्रह की झांकी, ऑडियो-विजुअल डिस्प्ले; QR कोड से सुन-देख सकेंगे शौर्य-गाथा, 50 करोड़ में बना छत्तीसगढ़ के नवा रायपुर में देश का पहला डिजिटल ट्राइबल म्यूजियम बनकर तैयार हो गया है। शहीद वीर नारायण सिंह स्मारक सह आदिवासी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय आदिवासी नायकों की वीरता, बलिदान और संघर्ष की कहानी बताने को तैयार है। पढ़ें पूरी खबर…

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