सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में अचानक हुई बेमौसम बारिश और मौसम में बदलाव से सैकड़ों एकड़ धान की फसलें प्रभावित हुई हैं। कई किसानों की खड़ी फसलें खेतों में गिर गई हैं, जिससे उनमें बीमारियों का प्रकोप बढ़ने की आशंका है। किसान अब मुआवजे की मांग कर रहे हैं। बिलाईगढ़ के किसान दिनेश्वर देवांगन ने बताया कि दीपावली के बाद किसान धान की फसल काटने की तैयारी करते हैं। इस बार दीपावली के बाद मौसम में बदलाव आया, जिससे खेतों में नमी बढ़ गई और बारिश के कारण फसलें गिर गईं। उन्होंने आशंका जताई कि यदि मौसम ऐसा ही बना रहा तो किसानों को भारी नुकसान हो सकता है। बिलाईगढ़ के वरिष्ठ कृषि अधिकारी कृष्ण कुमार साहू ने बताया कि वर्तमान बेमौसम बारिश से अभी उतना अधिक नुकसान नहीं हुआ है। हवा और पानी के कारण खड़ी फसलें गिरी हैं। उन्होंने कहा कि यदि और बारिश होती है और खेतों में पानी भर जाता है, तो किसानों को ज्यादा नुकसान हो सकता है। कृषि अधिकारी साहू के अनुसार, राजस्व विभाग द्वारा आरबीसी की धारा 6(4) के तहत प्रकरण तैयार किए जाते हैं। यदि किसानों की फसल को 33% से अधिक नुकसान होता है, तो उन्हें मुआवजे के तौर पर 6000 रुपये की राशि दी जाती है। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि यदि मौसम की स्थिति नहीं सुधरती है, तो फसलों में ‘भूरा माहो’ नामक बीमारी का प्रकोप भी देखने को मिल सकता है।
सारंगढ़ में बेमौसम बारिश, धान की फसलें गिरी:सैकड़ों एकड़ फसलें बर्बाद होने की आशंका, किसानों ने मुआवजे की मांग की

















Leave a Reply