बंगाल की खाड़ी में बने लो प्रेशर एरिया के कारण मौसम विभाग ने पूरे छत्तीसगढ़ में कल, यानी 30 सितंबर से तेज बारिश की संभावना जताई है। इसी के चलते जांजगीर-चांपा, बालोद, बस्तर, गरियाबंद और रायगढ़ इन पांच जिलों में यलो अलर्ट जारी किया गया है। इस दौरान गरज-चमक के साथ तेज बारिश हो सकती है, बिजली गिरने और आंधी चलने की भी आशंका है। हालांकि, राज्य के अन्य जिलों में मौसम सामान्य रहने की उम्मीद है। बीते 24 घंटों की बात करें तो प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई है। इस दौरान सबसे अधिक वर्षा देवभोग में हुई, जहां 30 मिमी पानी बरसा है। बलरामपुर में सबसे ज्यादा बारिश, बेमेतरा में सबसे कम प्रदेश में अब तक 1163.8 मिमी औसत बारिश हुई है। बेमेतरा जिले में अब तक 519.1 मिमी पानी बरसा है, जो सामान्य से 50% कम है। अन्य जिलों जैसे बस्तर, राजनांदगांव, रायगढ़ में वर्षा सामान्य के आसपास हुई है। जबकि बलरामपुर में 1517 मिमी बारिश हुई है, जो सामान्य से 52% ज्यादा है। दक्षिण ओडिशा-छत्तीसगढ़ में सिस्टम सक्रिय
मौसम विभाग के अनुसार, मानसून की वापसी रेखा गुजरात से उत्तर प्रदेश होते हुए उत्तर भारत तक सक्रिय है। दक्षिण ओडिशा और उससे लगे छत्तीसगढ़ क्षेत्र में बना दबाव अगले 24 घंटों में कमजोर होकर निम्न दबाव क्षेत्र (लो प्रेशर एरिया) में परिवर्तित हो सकती है। जानिए क्यों गिरती है बिजली बादलों में मौजूद पानी की बूंदें और बर्फ के कण हवा से रगड़ खाते हैं, जिससे उनमें बिजली जैसा चार्ज पैदा होता है। कुछ बादलों में पॉजिटिव और कुछ में नेगेटिव चार्ज जमा हो जाता है। जब ये विपरीत चार्ज वाले बादल आपस में टकराते हैं तो बिजली बनती है। आमतौर पर यह बिजली बादलों के भीतर ही रहती है, लेकिन कभी-कभी यह इतनी तेज होती है कि धरती तक पहुंच जाती है। बिजली को धरती तक पहुंचने के लिए कंडक्टर की जरूरत होती है। पेड़, पानी, बिजली के खंभे और धातु के सामान ऐसे कंडक्टर बनते हैं। अगर कोई व्यक्ति इनके पास या संपर्क में होता है तो वह बिजली की चपेट में आ सकता है।
कल से भारी बारिश की चेतावनी, 5 जिलों में यलो-अलर्ट:बंगाल में बने लो प्रेशर का असर, गरज-चमक के साथ बिजली गिरेगी, आंधी चलेगी

















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