24 घंटे में भारी बारिश की चेतावनी…16 जिलों में अलर्ट:बंगाल में बना सिस्टम, बस्तर से सरगुजा तक बरसेगा पानी; बाकी जगहों पर मौसम सामान्य

छत्तीसगढ़ में अगले 24 घंटों के भीतर भारी बारिश की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने जशपुर, कोरबा, रायगढ़, नारायणपुर सहित 16 जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। इस दौरान गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की आशंका है और कई स्थानों पर मध्यम बारिश हो सकती है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, पूर्व-मध्य और उत्तरी बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक कम दबाव का क्षेत्र (Low Pressure Area) बना हुआ है, जिसके प्रभाव से प्रदेश में बारिश की स्थिति बनी हुई है। पिछले 24 घंटों के दौरान बस्तर, रायपुर, दुर्ग और सरगुजा संभाग के कुछ इलाकों में मध्यम बारिश दर्ज की गई है। पिछले तीन दिनों की तुलना में सोमवार को राज्य में औसत वर्षा बेहतर रही। सबसे अधिक 60 मिमी बारिश चंद्रपुर में रिकॉर्ड की गई है। बारिश पर ब्रेक लगने से गर्मी-उमस बढ़ी पिछले तीन दिनों से पूरे छत्तीसगढ़ में कोई खास बारिश नहीं हुई है। जिसके चलते रायपुर सहित अन्य जिलों में गर्मी और उमस बढ़ गई है। आज भी तेज धूप और उमस रह सकती है। हालांकि, बीच-बीच में हल्की फुहारें या रिमझिम बारिश होती रहेगी। बलराम में सबसे ज्यादा बारिश, बेमेतरा में सबसे कम प्रदेश में अब तक 1072.6 मिमी बारिश हुई है। बेमेतरा जिले में अब तक 495.1 मिमी पानी बरसा है, जो सामान्य से 51% कम है। अन्य जिलों जैसे बस्तर, राजनांदगांव, रायगढ़ में वर्षा सामान्य के आसपास हुई है। जबकि बलरामपुर में 1473.7 मिमी पानी गिरा है, जो सामान्य से 55% ज्यादा है। जानिए क्यों गिरती है बिजली बादलों में मौजूद पानी की बूंदें और बर्फ के कण हवा से रगड़ खाते हैं, जिससे उनमें बिजली जैसा चार्ज पैदा होता है। कुछ बादलों में पॉजिटिव और कुछ में नेगेटिव चार्ज जमा हो जाता है। जब ये विपरीत चार्ज वाले बादल आपस में टकराते हैं तो बिजली बनती है। आमतौर पर यह बिजली बादलों के भीतर ही रहती है, लेकिन कभी-कभी यह इतनी तेज होती है कि धरती तक पहुंच जाती है। बिजली को धरती तक पहुंचने के लिए कंडक्टर की जरूरत होती है। पेड़, पानी, बिजली के खंभे और धातु के सामान ऐसे कंडक्टर बनते हैं। अगर कोई व्यक्ति इनके पास या संपर्क में होता है तो वह बिजली की चपेट में आ सकता है।

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