सूरजपुर में महिलाओं को त्रिपुरा राइफल्स के जवानों ने पीटा:SECL खदान विस्तार का विरोध करने पर किया लाठीजार्च, मौके पर पहुंचे विधायक

सूरजपुर में आमगांव ओसीएम का विरोध करने पहुंची ग्रामीण महिलाओं पर त्रिपुरा स्टेट रायफल्स के सुरक्षाकर्मियों ने लाठीचार्ज कर दिया। सुरक्षाकर्मियों ने ग्रामीण महिलाओं को जमकर पीटा। हमले में दो महिलाएं गंभीर रूप से घायल हो गईं। घटना की सूचना पर विधायक भूलन सिंह मरावी मौके पर पहुंचे और कंपनी प्रबंधन को फटकार लगाते हुए खदान विस्तार पर रोक लगाने का निर्देश दिया। जानकारी के मुताबिक, SECL विश्रामपुर के आमगांव ओपन कास्ट माइंस का विस्तार पटना गांव की ओर किया जाना है, जिसके लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है, लेकिन अधिग्रहण के बदले न तो SECL से नौकरी मिल सकी है और न ही ग्रामीणों को मुआवजा का भुगतान किया गया है। इस कारण खदान विस्तार का ग्रामीण विरोध कर रहे हैं। विरोध करने पहुंची तो सुरक्षागार्डों ने भांजी लाठियां
शनिवार को SECL खदान के अधिकारी, कर्मचारी और सुरक्षा गार्ड बिना किसी पूर्व सूचना के भारी मशीनों के साथ जमीन में खुदाई शुरू करने पहुंचे थे। ग्रामीण महिलाओं ने इसका विरोध किया तो सुरक्षा गार्ड ने लाठी-डंडों से उनपर हमला कर दिया। महिलाओं को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा गया। वहां से गुजर रहे जनपद अध्यक्ष गुलाब सिंह और जनपद सदस्य कवल साय सिंह ने हस्तक्षेप कर मामला शांत कराया। घटना की सूचना पर सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। ग्रामीणों के पहुंचने के पहले ही सुरक्षा गार्ड भाग निकले। विधायक मौके पर पहुंचे, FIR का निर्देश विधायक भूलन सिंह मरावी को मामले की सूचना मिली तो वे घटनास्थल पर पहुंचे और कलेक्टर और एसपी से फोन पर बात कर घटना को लेकर चर्चा की। प्रशासन ने थानेदार और तहसीलदार को मौके पर भेजा। विधायक ने मौके पर पहुंचकर सब एरिया मैनेजर समेत अन्य अधिकारियों को फटकार लगाई और कहा कि जब तक सभी प्रभावितों को नौकरी, मुआवजा नहीं मिल जाते, खदान का विस्तार न किया जाए। विधायक ने दोषी सुरक्षाकर्मियों के खिलाफ तत्काल FIR दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। SECL ने अब तक नहीं दी नौकरी
आमगांव के विस्तार में अधिगृहीत भूमि के बदले 364 लोगों को नौकरी दी जानी है। SECL ने अब तक किसी को भी नौकरी नहीं दी है। नौकरी मिलने के पूर्व ग्रामीण जमीन देने को तैयार नहीं हैं। आज हुए विवाद के बाद ग्रामीणों में आक्रोश है। वे किसी भी हालत में अपनी जमीन पर उत्खनन नहीं करने देंगे।

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