छत्तीसगढ़ के बस्तर को ओडिशा और आंध्र प्रदेश से जोड़ने वाली किरंदुल-कोत्तावालसा रेल लाइन पर लैंड स्लाइड हो गया है। चट्टानों के बड़े टुकड़े पटरियों पर गिर गए हैं, जिसके कारण रेल यातायात पूरी तरह ठप हो गया है। स्थिति को देखते हुए रेलवे ने किरंदुल-विशाखापट्टनम ट्रेन को रद्द कर दिया है। जानकारी के मुताबिक, भारी बारिश के कारण सुबह करीब 4 बजे त्याडा और चिपुरूपल्ली स्टेशन के बीच भूस्खलन हुआ। एक मालगाड़ी भी बीच रास्ते रुक गई। जानकारी मिलते ही रेलवे अधिकारी और कर्मचारी मौके पर पहुंचे। रास्ता साफ कराने का काम शुरू कर दिया। इस मार्ग पर चलने वाली सभी ट्रेनों को रद्द कर दिया गया है। इधर, मौसम विभाग ने दंतेवाड़ा, बस्तर और सुकमा जिलों में गरज-चमक के साथ आंधी चलने का येलो अलर्ट जारी किया है। दक्षिण छत्तीसगढ़ के कई इलाकों में मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, दीपावली के दिन भी बारिश होने की संभावना है, जिससे त्योहार की तैयारियों और बाजारों की रौनक पर असर पड़ सकता है। छत्तीसगढ़ के कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ छींटे पड़ सकते हैं मौसम विभाग के मुताबिक 20 अक्टूबर को मध्य और दक्षिणी छत्तीसगढ़ के कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ छींटे पड़ सकते हैं। अगले 36 घंटे में तापमान में कोई विशेष बदलाव होने की संभावना नहीं है। हालांकि इसके बाद अगले 3 दिनों में तापमान में 2-3 डिग्री तक की वृद्धि हो सकती है। पिछले 24 घंटे की बात करें तो अधिकतम तापमान 32.2 डिग्री रायपुर का और सबसे कम न्यूनतम तापमान 14.8 डिग्री अंबिकापुर में दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने आज दंतेवाड़ा बस्तर और सुकमा 3 जिलों में गरज चमक के अलावा आंधी चलने का यलो अलर्ट जारी किया है। अक्टूबर में अब तक 109% ज्यादा बरसा पानी इस बार अक्टूबर में अब तक सामान्य से 85% अधिक बारिश दर्ज की गई है। आमतौर पर 16 अक्टूबर तक राज्य में औसतन 42.7 मिमी वर्षा होती है, लेकिन इस बार अब तक 79.1 मिमी से ज्यादा बारिश हो चुकी है। 10-12 दिन देरी से लौटा मानसून मौसम विभाग के मुताबिक, 30 सितंबर तक हुई बारिश को मानसून की बारिश माना जाता है, जबकि इसके बाद की बारिश को ‘पोस्ट मानसून’ यानी मानसून के बाद की बारिश माना जाता है। फिलहाल देशभर से मानसून लौट चुका है। छत्तीसगढ़ में आमतौर पर 5 अक्टूबर के आसपास सरगुजा की तरफ से मानसून लौटना शुरू होता है, लेकिन इस बार वापसी में देरी हुई। इस बार प्रदेश में मानसून सामान्य से करीब 10-12 दिन देरी से लौटा है। बलरामपुर में सामान्य से 52% ज्यादा बारिश प्रदेश में अब तक 1167.4 मिमी औसत बारिश हुई है। बेमेतरा जिले में अब तक 524.5 मिमी पानी बरसा है, जो सामान्य से 50% कम है। अन्य जिलों जैसे बस्तर, राजनांदगांव, रायगढ़ में वर्षा सामान्य के आसपास हुई है। जबकि बलरामपुर में 1520.9 मिमी बारिश हुई है, जो सामान्य से 52% ज्यादा है। ये आंकड़े 30 सितंबर तक के हैं।
भारी बारिश से लैंड स्लाइड…पटरियों पर गिरीं चट्टानें:किरंदुल-विशाखापट्टनम समेत सभी ट्रेनें कैंसिल, दक्षिणी हिस्से में बारिश की संभावना, दिवाली के दिन भी अलर्ट


















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